सतलुज यमुना लिंक नहर के मुद्दे पर 11 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई अपरिहार्य कारणों से टल गई है। फिलहाल अभी अगली तारीख तय नहीं की गई है। इस सुनवाई पर पंजाब, हरियाणा के सभी सियासी दलों की नजरें लगी थी।
इस मामले में हरियाणा ने सुप्रीम कोर्ट के 2002 और 2004 के आदेशों को लागू करवाने के लिए एग्जीक्यूशन एप्लिकेशन दी हुई है। हरियाणा की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले दिए गए दोनों आदेशों में एसवाईएल के निर्माण का निर्देश दिया गया है, उन्हीं को लागू करवाया जाए।
वहीं, पंजाब की दलील है कि अभी भी उसका 2004 में बनाया गया टर्मिनेशन ऑफ रिवर्स वाटर एक्ट पूरी तरह स्टैंड करता है। क्योंकि इस एक्ट को किसी ने भी चुनौती नहीं दी है।