मोहाली के फेज-11 थाने में तैनात रमनदीप सिंह बुधवार रात सेंट्रा मॉल स्थित क्लब में गया था। रमनदीप सिंह ने क्लब में शराब पी। वीरवार तड़के करीब चार बजे क्लब में बाउंसर नरेंद्र के साथ फोटो व वीडियो बनाने को लेकर कहासुनी हो गई।
चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सेंट्रा मॉल के नाइट क्लब में वीरवार तड़के फोटो खींचने और वीडियो बनाने को लेकर बहस के बाद तलवारें चल गईं। इसके बाद पंजाब पुलिस के सिपाही और उसके साथियों ने एक बाउंसर पर तलवारों से हमला कर दिया। इसमें बाउंसर का अंगूठा कटकर अलग हो गया। इसके अलावा सिर, बाजू पर भी चोटें आई हैं।
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लहूलुहान बाउंसर को उसके साथी एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां उसे 30 टांके लगे। घायल की पहचान कैंबवाला के रहने वाले बाउंसर नरेंद्र के रूप में हुई। इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने घायल के बयान पर पंजाब पुलिस के मुलाजिम रमनदीप सिंह व अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। हालांकि, अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
जानकारी के मुताबिक मोहाली के फेज-11 थाने में तैनात रमनदीप सिंह बुधवार रात सेंट्रा मॉल स्थित क्लब में गया था। रमनदीप सिंह ने क्लब में शराब पी। वीरवार तड़के करीब चार बजे क्लब में बाउंसर नरेंद्र के साथ फोटो व वीडियो बनाने को लेकर कहासुनी हो गई। हालांकि, उस समय कुछ बाउंसरों ने मामला शांत करवा दिया और रमनदीप को क्लब से भेज दिया लेकिन कुछ देर बाद रमनदीप कुछ अन्य युवकों के साथ फिर क्लब में आ गया और बाउंसर नरेंद्र के साथ मारपीट शुरू कर दी।
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नरेंद्र के सिर और बाजू पर तलवार से हमला कर दिया। हमले में नरेंद्र के एक हाथ का अंगूठा कट गया। इसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। लहूलुहान नरेंद्र को को सेक्टर-33 स्थित एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि घायल बाउंसर क्लब में काम नहीं करता है। यह सारी घटना क्लब के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने क्लब का सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिया है।
निर्धारित समय के बाद तक खुले रहते हैं नाइट क्लब
पंचकूला और मोहाली में नाइट क्लब का समय रात 12 बजे तक निर्धारित है। वहीं, चंडीगढ़ में क्लब रात 3 बजे तक खुलते हैं। क्लब के देर रात तक खुलने से खूब हो-हल्ला होता है। दरअसल, इस साल के शुरूआत में पंचकूला पुलिस व प्रशासन की ओर से शहर के हुक्का बारों और क्लबों को बंद करने का समय 12 बजे निर्धारित कर दिया था। पंचकूला के बाद मोहाली प्रशासन ने क्लबों को बंद करने का समय रात 12 बजे निर्धारित कर दिया था। पंचकूला-मोहाली में क्लब बंद होते ही युवक-युवतियों की भीड़ चंडीगढ़ के क्लबों में पहुंच जाती है।
चंडीगढ़ की एक्साइज विभाग की पॉलिसी में रात 3 बजे तक क्लब खोलने की अनुमति है। यहां 3 बजे तक शराब भी पिलाई जाती है। यही नहीं, निर्धारित समय के बाद भी क्लब खुले रहते हैं।
यूटी के क्लबों में मारपीट व गोलियां चलने के सबसे अधिक मामले
चंडीगढ़ में तड़के तक खुल रहे क्लबों में मारपीट व गोलियां चलने के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। इस साल क्लबों में मारपीट के छह मामले दर्ज हो चुके हैं। इसके अलावा क्लब संचालकों पर गोलियां चलाने के अलावा बम धमाके के मामले भी सामने आ चुके हैं। इनमें से चार मामले सेक्टर-26 और एक मामला सेक्टर-8 के क्लब में सामने आया था। वहीं, तीन महीने पहले क्लबों में बाउंसर्स सप्लाई करने वाले युवक पर गोलियां चलाई गई थीं। इसके अलावा बीते 26 नवंबर को सेक्टर-26 में दो क्लबों पर बम फेंका गया था।
बता दें कि मोहाली निवासी डा. अमन चौहान के साथ बीती 12 जून की रात को सेक्टर-26 स्थित प्लेग्राउंड क्लब में डीजे पर एक गाना लगाने को लेकर कहासुनी हो गई थी। बाउंसरों ने धक्का-मुक्की करते हुए उसकी धुनाई कर दी थी। डाॅक्टर की शिकायत पर पुलिस ने सेक्टर-26 थाने में डिंपल और यश हंस सहित बाउंसरों व अन्य सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज किया था। बीते मई महीने में सेक्टर-26 स्थित एक क्लब में पिंजौर निवासी दो युवकों के साथ मारपीट की गई थी। इस मामले में शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने वाले दो पुलिस जवानों को लाइनहाजिर कर दिया गया था।
सेक्टर-9 स्थित बूम बाक्स क्लब में इस साल मारपीट के दो मामले सामने आ चुके हैं। जून महीने में बूम बाक्स में कुछ युवकों की बाउंसरों के साथ एक लड़की का वीडियों बनाने को लेकर कहासुनी हो गई थी। कुछ देर बाद बाउंसरों की इन युवकों के साथ हाथापाई भी हुई थी। कार सवार युवकों ने यहां गोलियां भी चलाई थीं जो कि एक निजी बैंक के दरवाजे पर लगी थी।