पंजाब के लुधियाना जिले में डेंगू और चिकनगुनिया के साथ स्वाइन फ्लू भी पैर पसारने लगा है। यहां पर एक दिन में एच1 एन1 के छह मरीज मिले हैं। वहीं दूसरे जिलों से इलाज करवाने पहुंचे पांच मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। पिछले साल पूरे जिले से स्वाइन फ्लू का एक मरीज सामने आया था, जिसकी उपचार दौरान मौत हो गई थी। मगर इस साल स्वाइन फ्लू के 90 मरीज सामने आ चुके हैं।
इनमें से 34 मरीज लुधियाना और 56 मरीज दूसरे जिलों के हैं। लुधियाना जिले के 34 मरीजों में से सात की मौत हो चुकी है। वहीं 17 मरीज ठीक हो चुके हैं और 10 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। लुधियाना के 131 और 234 दूसरे जिलों के मरीजों के नमूने की जांच की गई।
हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग, एडवाइजरी की जारी
स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में है। विभाग ने हालात को देखते हुए शहरवासियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें बीमारी की रोकथाम और लक्षणों के साथ-साथ संदिग्ध मरीजों की टेस्टिंग और उपचार की जानकारी दी गई है। सिविल सर्जन डॉ. हितिंदर कौर ने बताया कि स्वाइन फ्लू अत्याधिक संक्रामक रोग है, जो कि एच1 एन1 वायरस से होता है। इसकी जांच और उपचार सभी सरकारी अस्पतालों में निशुल्क उपलब्ध है। यह वायरस सांस के जरिये या फिर इंसान की थूक व बलगम से फैलता है, जो छींकते या खांसते समय एक दूसरे तक पहुंचते हैं।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
सिविल सर्जन ने बताया कि स्वाइन फ्लू के लक्षण आम फ्लू से मिलते जुलते हैं। मरीज को तेज बुखार, खांसी व जुकाम, सांस लेने में कठिनाई, छींके आना, नाक बहना, गले में दर्द और खाराश, ठंड लगना, दस्त और उल्टी हो सकते हैं। इनमें से कोई भी लक्षण नजर आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चिकित्सीय जांच करवानी जरूरी है। उन्होंने बताया कि समय रहते जांच और सही उपचार से मरीज की जान बच सकती है।
स्वाइन फ्लू से बचने के तरीके
- खांसते और छींकते वक्त मुंह पर रुमाल रखें
- खांसी, जुकाम व बुखार के मरीज से दूरी बनाकर रखें
- मुंह, नाक, आंखों को छूने से पहले व बाद में हाथों को साबुन से धोएं
- भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और मास्क का इस्तेमाल करें
- लक्षण नजर आने पर तुरंत जांच और उपचार करवाएं