पंजाब कैबिनेट ने विश्वास प्रस्ताव लाने के लिए 22 सितंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में इसका निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक प्रवक्ता ने कहा कि कैबिनेट ने संविधान के अनुच्छेद 174 (1) के तहत सदन के विशेष सत्र को बुलाने के लिए राज्यपाल को भेजी जाने वाली सिफारिश को मंजूरी दे दी है।
विशेष सत्र सुबह 11 बजे श्रद्धांजलि के साथ शुरू होगा, इसके बाद राज्य सरकार के पक्ष में विश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। मान ने सोमवार को घोषणा की कि विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पंजाब में अपनी सरकार को गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। सत्तारूढ़ दल ने हाल ही में दावा किया था कि उसके कम से कम 10 विधायकों को भाजपा ने छह महीने पुरानी सरकार को गिराने के लिए 25-25 करोड़ रुपये की पेशकश के साथ संपर्क किया था।
92 विधायकों के साथ, 117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा में AAP के पास भारी बहुमत है, जबकि कांग्रेस के पास 18 विधायक हैं, शिरोमणि अकाली दल (SAD) के पास तीन, भाजपा के दो और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पास एक है। एक निर्दलीय सदस्य भी है।
कुछ दिनों पहले, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आरोप लगाया था कि भाजपा के "ऑपरेशन लोटस" के हिस्से के रूप में, राज्य के कुछ आप विधायकों से संपर्क किया गया था। आप के वरिष्ठ नेता ने दावा किया था कि आप के सात से 10 विधायकों से पैसे और मंत्री पद की पेशकश के लिए संपर्क किया गया था।
विधानसभा का विशेष सत्र जनता से धोखा: चुघ
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने विधानसभा के विशेष सत्र को सरकार की नाकामी से पंजाब के लोगों का ध्यान हटाने के लिए रची राजनीतिक धोखाधड़ी करार दिया है। उन्होंने कहा कि आप सरकार छह महीने के कार्यकाल के बाद सार्वजनिक अदालत में पूरी तरह बेनकाब हो गई है। आम आदमी पार्टी के वादों से राज्य की तीन करोड़ आबादी ठगा हुआ महसूस कर रही है।
चुघ ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आदेश पर झूठी खबरों के आधार पर विधानसभा का सत्र बुलाया है। आम आदमी पार्टी की सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही है और लोगों को गुमराह करने की साजिश में लगी है। चुघ ने कहा कि आप सरकार ने ही झूठ फैलाकर ऑपरेशन लोटस की शुरुआत की थी। विधानसभा का विशेष सत्र ऐसे समय बुलाया गया है जब लोग भगवंत मान की सरकार की नाकामियों की चर्चा करने लगे हैं।
किसी ने चुनौती नहीं दी फिर भी विश्वास मत: वड़िंग
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सूबे की आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा 22 सितंबर को विधानसभा के एक विशेष सत्र के दौरान विश्वास मत लाने पर सवाल खड़ा करते हुए इसे हास्यास्पद बताया। वड़िंग के अनुसार किसी ने भी आप सरकार को बहुमत का आंकड़ा खोने संबंधी चुनौती नहीं दी।
विश्वास मत का ड्रामा रचकर आप लोगों का भरोसा नहीं जीत सकती, जिसे वह पहले ही अपनी गड़बड़ी से खो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह विश्वास मत नहीं, बल्कि वोट ऑफ लो कॉन्फिडेंस है। सामान्य तौर पर एक सरकार द्वारा वोट ऑफ कॉन्फिडेंस तब लाया जाता है, जब विपक्ष द्वारा सवाल किया जाता है कि वह सदन का भरोसा खो चुकी है। इस मामले में सरकार खुद ही वोट ऑफ कॉन्फिडेंस ला रही है, जो साफ तौर पर दर्शाता है कि वह खुद ही भरोसा खो चुकी है।