चंडीगढ़ में ‘स्वागतम’ पोर्टल अब निरर्थक साबित हो रहा है। जनता और सरकार के बीच खाई को कम करने के लिए ये पोर्टल केंद्र ने तैयार किया था लेकिन अब इसके माध्यम से किए जा रहे आवेदनों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। आलम यह है कि यूटी प्रशासन के अफसर बिना अप्वाइंटमेंट वालों को दफ्तर में घुसने नहीं देते और ऑनलाइन आवेदन करो तो मिलने का टाइम नहीं देते। अफसरों की इस कार्यशैली से जनता परेशान है।
‘स्वागतम’ पोर्टल के शुभारंभ के मौके पर केंद्र सरकार ने कहा था कि इस पोर्टल के बाद आईएएस व अन्य अधिकारियों से मिलना आम आदमी के लिए आसान हो जाएगा। उन्हें अपनी फरियाद के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। चंडीगढ़ में कोरोना काल के दौरान ही इस पोर्टल की शुरुआत कर दी गई थी।
अब हालात यह हैं कि इस पोर्टल पर किसी भी अधिकारी से मिलने के लिए आवेदन करो तो हफ्तों तक कोई जवाब नहीं आता। अगर कोई व्यक्ति बिना अप्वाइंटमेंट लिए सीधे अफसर से मिलने दफ्तर पहुंच जाए तो उसे यह कहकर लौटा दिया जाता है कि पहले ऑनलाइन आवेदन करें। जबकि ‘स्वागतम’ पर अप्वाइंटमेंट काफी समय से लंबित पड़े हैं। कई बार तो बिना कारण दिए ही आवेदन रद्द कर दिया जाता है। कई बार अधिकारी से बिना मिले ही आवेदन पूरा दिखा दिया जाता है।
पोर्टल के अनुसार चंडीगढ़ के वित्त सचिव अभी भी अजॉय कुमार सिन्हा
पोर्टल का हाल यह है कि जो अधिकारी अगस्त में चंडीगढ़ से चले गए थे, उनका नाम अभी तक इसमें चल रहा है। जबकि नए अधिकारी जिन्होंने कई महीने पहले कुर्सी संभाल ली थी, उनका नाम पोर्टल पर है ही नहीं। पोर्टल के अनुसार चंडीगढ़ के वित्त सचिव अभी भी अजॉय कुमार सिन्हा और विशेष वित्त सचिव हरीश नैयर हैं। इनके अलावा बिजली विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर सीडी सांगवान समेत कई ऐसे अधिकारियों के नाम इस सूची में हैं, जिनका तबादला बहुत पहले हो चुका है। गौरतलब है कि वित्त सचिव और विशेष वित्त सचिव 31 अगस्त को ही चंडीगढ़ प्रशासन से सेवा मुक्त हो चुके हैं।