अटल मिशन के तहत चुने गए 16 अमृत शहरों में 62 फीसदी को पेयजल और 88 प्रतिशत लोगों को सीवरेज सुविधा उपलब्ध है। 150 निकाय ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) हो चुके हैं और दो जल्द होने वाले हैं। यही नहीं 150 निकायों में रहने वाले 80 प्रतिशत लोगों ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर साफ टॉयलेट उपलब्ध है।
एक लाख से ज्यादा आबादी वाले 16 निकायों के घरेलू शौचालयों में पानी उपलब्ध था। इन्होंने एसबीएम टॉयलेट को गूगल मैप पर अपलोड कर रखा था। 70 फीसदी निकायों ने 25 वर्करों वाली कंस्ट्रक्शन साइट्स पर शौचालय बनाए थे।
पहली बार टॉप-100 में आए दो शहर
जब से सफाई सर्वेक्षण शुरू हुआ है पंजाब के दो शहर पहली बार टॉप 100 में आए हैं। एक लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में बठिंडा 31वें और पटियाला 72वें स्थान पर रहे। पिछले साल सबसे ऊपर बठिंडा 104वें स्थान पर था तो मोहाली 109, पटियाला 183 और बटाला 438 पर रहा था। वहीं, एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में नवांशहर को नंबर वन क्लीनेस्ट सिटी चुना गया है।
नॉर्थ जोन में पंजाब का जलवा रहा है। इस बार भी वह पहले स्थान पर रहा। यहां से टॉप 100 निकायों में सूबे के 32 निकाय हैं। एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में नवांशहर को सबसे साफ, दिड़बा, संगरूर को फास्टेस्ट मूवर चुना गया।
50 हजार से एक लाख आबादी में खरड़ को सिटीजन फीडबैक और रोपड़ को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के मामले में सर्वश्रेष्ठ चुना गया। 25-50 हजार आबादी में जीरा, फिरोजपुर को सिटीजंस फीडबैक के मामले में बेस्ट चुना गया। 25 हजार से कम आबादी वालों में भोगपुर को सिटीजंस फीडबैक और भाई रूपा (रामपुरा फूल) को इनोवेशंस और बेस्ट प्रैक्टिस में सर्वश्रेष्ठ चुना गया।
दो कैंट को अवार्ड
सर्वेक्षण पंजाब के दो कैंटोनमेंट को भी अवार्ड मिला है। जालंधर को फास्टेस्ट मूविंग और अमृतसर को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए सर्वश्रेष्ठ चुना गया। देश के टॉप 20 कैंट में अमृतसर सातवें, जालंधर 12वें और फिरोजपुर 15वें स्थान पर रहे।
500 की फौज ने बदली तस्वीर
पिछले साल तक सफाई सर्वेक्षण में पंजाब की स्थिति खास अच्छी नहीं थी। स्थानीय निकाय विभाग ने एक साल पहले 500 लोगों को बतौर कम्युनिटी फेसिलिटेटर व मोटिवेटर नियुक्त किया जिन्होंने घर, स्कूल, दुकान, संस्थान, हर जगह जाकर लोगों को जागरूक किया। इससे सूबे की तस्वीर बदली।