विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस में डैमेज कंट्रोल की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसी के तहत कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और पूर्व सांसद जगमीत बराड़ की शुक्रवार को घर वापसी हो गई।
पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बराड़ का निलंबन रद्द करने को मंजूरी दे दी है। लोकसभा चुनाव के दौरान बराड़ ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को दो साल तक आराम की सलाह देकर मुसीबत मोल ले ली थी।
बराड़ के इस बयान पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए पार्टी की ओर से निलंबन की कार्रवाई की गई थी। निलंबन वापसी के प्रयास के तहत बराड़ ने पिछले दिनों सोनिया और राहुल से मुलाकात भी की।
बराड़ ने कांग्रेस महासचिव व पार्टी के पंजाब प्रभारी शकील अहमद से भी मुलाकात की थी। वहीं उन्होंने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से भेंट कर पंजाब की हालात से अवगत कराया था। माना जा रहा है कि बराड़ की घर वापसी में पंजाब प्रभारी डॉ. शकील अहमद की अहम भूमिका रही है।
उन्होंने पार्टी हाईकमान को पत्र लिखकर बराड़ का निलंबन रद्द करने की सिफारिश की थी। अहमद ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि बराड़ की पार्टी में वापसी से पंजाब में कांग्रेस और मजबूती होगी। वह पार्टी के सीनियर नेता हैं। उनकी पार्टी के प्रति पहले की गई मेहनत के मद्देनजर ही हाईकमान ने यह फैसला लिया है।
उधर, बराड़ ने कहा है कि वह पार्टी के सिपाही हैं। हाईकमान जो जिम्मेदारी सौंपेगा, वे उसे निष्ठापूर्वक निभाएंगे। उधर, पीपीसीसी अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने बराड़ का निलंबन रद्द करने के हाईकमान के फैसले का स्वागत किया है।
भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर विराम: सोनिया को आराम की सलाह देने वाले बराड़ पर निलंबन की कार्रवाई के बाद उनके भाजपा में शामिल होने को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। पीएम मोदी के पंजाब दौरे के दौरान उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं चलीं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सूत्र बताते हैं कि किन्हीं कारणों के चलते बात सिरे नहीं चढ़ी। इसके बाद पिछले कुछ महीनों से बराड़ की घर वापसी की चर्चाएं शुरू हो गईं।