चंडीगढ़ में ऐसा दिखा सूर्य ग्रहण।
खगोल शास्त्रियों का कहना है कि इसे कोई भी देखने की कोशिश न करें। नहीं तो आंखों की रोशनी चली जाएगी। टीवी या अखबारों में आनी वाली फोटो को ही देखें। पीयू के खगोलशास्त्री प्रो. संदीप सहजपाल ने बताया कि सूरज व पृथ्वी के मध्य जब चंद्रमा आ जाता है तो सूर्यग्रहण होता है। इस दौरान सूरज की रोशनी कम हो जाती है। पूरा अंधकार नहीं रहता।
चंद्रमा रिंग की तरह चमकेगा लेकिन चंद्रमा सूरज से छोटा ही दिखेगा। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह से सूर्यग्रहण को देखने की कोशिश न करें, क्योंकि यह आंखों की रोशनी ले बैठ सकता है। क्योंकि सूर्यग्रहण को देखने की प्रक्रिया है लेकिन यदि वह थोड़ी भी गलत हो गई तो अंधापन हो सकता है। उन्होंने बताया कि इस सूर्यग्रहण से न फायदा होगा न कोई नुकसान।