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यहां फहराया गया पाकिस्तान से लाया गया खास तिरंगा

Sun, 16 Aug 2015 11:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
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देश के 69वें स्वतंत्रता दिवस पर एक जगह जान जोखिम में डालकर पाकिस्तान से लाया गया तिरंगा फहराया गया। चौंक गए न जानकर, लेकिन यह सच है। ऐसा हुआ पंजाब के अमृतसर में। यहां प्रसिद्ध इतिहासकार सुरेंद्र कोछड़ ने अपने निवास पर वो राष्ट्रीय ध्वज फहराया, जिसे वे जान जोखिम में डालकर पाकिस्तान से लाए थे।
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इस तिरंगे के पीछे की कहानी बताते हुए कोछड़ ने कहा कि जून 2006 में जब वह पाकिस्तान गए थे। वहां टैक्सला का प्रसिद्ध म्यूजियम देखकर लौटते समय एक ढाबे पर रुके। इस दौरान वे वॉशरूम गए तो वहां देखा कि पर्दे की बजाय भारतीय तिरंगा लटकाया हुआ था। यह देखकर उन्हें बहुत बुरा लगा।

कोछड़ ने बताया कि उन्होंने तुंरत ढाबे वाले से बातचीत की। उसे उसकी गलती का एहसास कराया। इसके बाद ढाबे वाले ने बिना कुछ कहे ध्वज उन्हें दे दिया। ऐसे में अगर वे इसे न देते तो उनके लिए हालाता बदतर बन जाते।
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आईएसआई ने अंडरगारमेंट समझ कर रख लिया था

कोछड़ ने बताया कि ढाबे वाले ने इस झंडे के उस तक पहुंचने की कहानी भी सुनाई। उसने बताया कि कुछ समय पहले एक भारतीय नेता म्यूजियम देखने आए थे। ढाबे पर भी आए। इस दौरान उन्होंने ध्वज के साथ फोटो खिंचवाए और छोड़कर चले गए। कोछड़ ने बताया कि इस तिरंगे के कारण आईएसआई भी मुसीबत से बचा।

दरअसल, पाकिस्तान से लौटते समय वाघा बॉर्डर पर आईएसआई ने उन्हें रोक लिया और चेकिंग की। एक लिफाफे में रखे इस झंडे को उन्होंने अंडरगारमेंट समझकर साइड में रख दिया और मुझे जाने के लिए कहा। मैंने उनसे कहा कि इस लिफाफे में भारत देश का तिरंगा है। यह सुनते ही उन्होंने यह मुझे लौटा दिया।

कोछड़ ने बताया कि इस तरह ढाबे पर अपमानित हो रहा यह तिरंगा देश पहुंचा। घर पहुंचकर मेरी पत्नी ने इसे साफ किया और संभालकर रखा। तब से लेकर आज तक 8 साल हो चुके हैं। हर स्वतंत्रता दिवस वे इसी तिरंगे को फहराते हैं और कार्यक्रम में आसपास के लोग भी हिस्सा लेते हैं।
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