देश के 69वें स्वतंत्रता दिवस पर एक जगह जान जोखिम में डालकर पाकिस्तान से लाया गया तिरंगा फहराया गया। चौंक गए न जानकर, लेकिन यह सच है। ऐसा हुआ पंजाब के अमृतसर में। यहां प्रसिद्ध इतिहासकार सुरेंद्र कोछड़ ने अपने निवास पर वो राष्ट्रीय ध्वज फहराया, जिसे वे जान जोखिम में डालकर पाकिस्तान से लाए थे।
इस तिरंगे के पीछे की कहानी बताते हुए कोछड़ ने कहा कि जून 2006 में जब वह पाकिस्तान गए थे। वहां टैक्सला का प्रसिद्ध म्यूजियम देखकर लौटते समय एक ढाबे पर रुके। इस दौरान वे वॉशरूम गए तो वहां देखा कि पर्दे की बजाय भारतीय तिरंगा लटकाया हुआ था। यह देखकर उन्हें बहुत बुरा लगा।
कोछड़ ने बताया कि उन्होंने तुंरत ढाबे वाले से बातचीत की। उसे उसकी गलती का एहसास कराया। इसके बाद ढाबे वाले ने बिना कुछ कहे ध्वज उन्हें दे दिया। ऐसे में अगर वे इसे न देते तो उनके लिए हालाता बदतर बन जाते।