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एचसीएस पेपर लीक मामलाः कांग्रेसी नेता टीटू, आयुषी और कुलदीप के खिलाफ सप्लीमेंट्री चालान दायर

Fri, 20 Jul 2018 12:46 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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हरियाणा में जजों की नियुक्ति को लेकर हुई एचसीएस (ज्यूडिशियल) पेपर लीक मामले में चंडीगढ़ पुलिस की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने गुरूवार को कांग्रेसी नेता सुनील चोपड़ा उर्फ टीटू, आयुषी और कुलदीप के खिलाफ जिला अदालत में सप्लीमेंट्री चालान दायर कर दिया। 738 पेज के सप्लीमेंट्री चालान में पुलिस ने तीनों के खिलाफ 20 के करीब गवाह बनाए हैं।
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इससे पहले एसआईटी जनवरी में मुख्य आरोपी सुनीता, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार रिक्रूटमेंट बलविंदर कुमार शर्मा और मार्च में सुशीला के खिलाफ चालान दायर कर चुकी है। एसआईटी ने कांग्रेसी नेता टीटू, कुलदीप और आयुषी को आईपीसी की धारा 409, 420, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8, 9, 13 (1) (डी) आर/डब्ल्यू 13 (2) के तहत आरोपी बनाया है। चालान में एसआईटी की ओर से कुलदीप और उसकी बहन सुनीता व आयुषी-सुनीता के बीच मोबाइल पर हुई कॉल की डिटेल को भी बतौर सबूत बनाया गया है।  

किसका क्या रोल 
सुनील चोपड़ा उर्फ टीटू : कांग्रेसी नेता सुनील चोपड़ा उर्फ टीटू ने ही सेक्टर-18 स्थित मंदिर के गेस्ट हाउस में कैंडीडेट्स के रहने, खाने-पीने आदि का इंतजाम किया था। इसके अलावा उसने भी कुछ कैंडीडेट्स की तलाश की थी और उनसे पेपर पास करवाने के बदले प्रति कैंडीडेट 25-30 लाख रुपये में सौदा तय किया था। इसके अलावा कुछ कैंडीडेट्स को गेस्ट हाउस के बाहर भी पेपर की तैयारी करवाई गई थी।
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यह है पूरा मामला

सांकेतिक तस्वीर
कुलदीप : मुख्य आरोपी सुनीता के साथ मिलकर पूरे रैकेट का संचालन किया था। कुलदीप पर ही कैंडीडेट्स लाने और उनसे मोटी रकम जमा कर उसे मैनेज करने की जिम्मेदारी थी। उसी ने सुनीता सहित अन्य आरोपियों के कहने पर कैंडीडेट्स से मिलकर उनसे पेपर लीक के एवज में मोटी रकम ली।

आयुषी गोदारा : आयुषी ने परिजनों और रिश्तेदारों की मदद से कैंडीडेट तलाश किए थे। कैंडीडेट्स को सेक्टर-18 के गेस्ट हाउस में जहां वह रहती थी, वहीं टीटू और सुनीता की मदद से पेपर की तैयारी करवाई थी। आयुषी ने कुछ कैंडीडेट्स से तो एक करोड़ रुपये तक में पेपर पास करवाने की गारंटी ली थी।

यह है मामला
पंचकूला के पिंजौर की निवासी सुमन ने एडवोकेट मंजीत सिंह के जरिए याचिका दायर कर कहा था कि हरियाणा ने एचसीएस ज्यूडिशियल के 109 पदों के लिए आवेदन मांगे थे, जिसके लिए याची ने भी अप्लाई किया था। परीक्षा की तैयारी के लिए एक कोचिंग सेंटर भी ज्वाइन किया। इस दौरान उसकी दोस्ती एक लड़की सुशीला से हो गई, जिसने गलती से याची को एक ऐसी ऑडियो क्लिप भेज दी, जिसमें वह अन्य लड़की से डेढ़ करोड़ में नियुक्ति की बात कर रही थी। जब याची ने सुशीला से पूछा तो सुशीला ने वो ऑडियो क्लिप डिलीट कर दी। जब जोर देकर पूछा गया तो पेपर लीक होने की बात पता चली।

याची ने कहा उसे विश्वास नहीं हुआ इस स्तर की परीक्षा का पेपर लीक हो सकता है। सुशीला ने याचिकाकर्ता को छह सवाल भी बताए जो परीक्षा में आने थे। जब 16 जुलाई को परीक्षा हुई तो याचिकाककर्ता को यह जानकर आश्चर्य हुआ कि जो सवाल उसे बताए गए थे वह परीक्षा में आए थे। याचिकाकर्ता ने अपने पति को इसकी जानकारी दी और उन्होंने उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को और हाईकोर्ट को एडमिनस्ट्रेटिव साइट पर दी। 
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