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राम रहीम और सुखबीर बादल के बारे में सुनील जाखड़ का खुलासा, बोले- मुंबई में हुई थी मीटिंग

Sat, 06 Oct 2018 04:45 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
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Sunil Jakhar - फोटो : File Photo
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सांसद व पीपीसीसी के प्रधान सुनील जाखड़ ने खुलासा किया है कि शिअद सुप्रीमो सुखबीर बादल व संत गुरमीत राम रहीम के बीच 14 सितंबर 2015 को मुंबई में मीटिंग हुई थी। इसमें संत राम रहीम की फिल्म एमएसजी -2 में निवेश व साझेदारी की बातचीत हुई। सुखबीर बादल को पटियाला रैली में स्टेज पर मेरे सवाल का उत्तर जरूर देना चाहिए कि अगर उनकी मीटिंग संत राम रहीम के साथ हुई थी या नहीं।
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जाखड़ शनिवार को जालंधर में थे, यहां उन्होंने विधायक परगट सिंह, विधायक बावा हेनरी, सुशील रिंकू के अलावा पूर्व विधायक जगबीर बराड़, मेयर जगदीश राज राजा के साथ प्रेसवार्ता कर सुखबीर बादल पर तीखा हमला किया। जाखड़ ने कहा कि सुखबीर हर छोटी बात का उत्तर देते हैं, लेकिन मेरे इस सवाल का उत्तर देना होगा कि मुंबई में 14 सिंतबर 2015 को संत राम रहीम के साथ मीटिंग में क्या हुआ था? जाखड़ ने कहा कि संत राम रहीम को अकाल तख्त साहिब ने पंथ से निष्काषित किया था, फिर वह क्या अकाल तख्त साहिब की परमिशन लेकर गए थे।

जाखड़ ने कहा कि 18 सितंबर को एमएसजी टू रिलीज को लेकर सिख जत्थेबंदियों में रोष था। लेकिन सुखबीर ने फिल्म के पैसे व संत राम रहीम के वोटों के लिए 24 सितंबर को राम रहीम को माफी भी दिला दी। जाखड़ ने कहा कि सुखबीर इस बात से इंकार ही करेंगे, लेकिन उनके पास इसके पुख्ता सबूत हैं, जिनको वह जल्द उजागर करेंगे। बस एक बार सुखबीर का उत्तर दे दें।
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संगत पर गोलियां चलीं तो एक्शन क्यों नहीं लिया

सुनील जाखड़
जाखड़ ने कहा कि सुखबीर व प्रकाश सिंह बादल कहते हैं कि कोटकपूरा व बहिबल कलां में गोली चलाने के आदेश किसने दिए, उनको नहीं पता। लेकिन साफ है कि 14 अक्तूबर को शाम 6:47 बजे संगत पर कोटकपूरा में पुलिस ने गोलियां चलाईं और तब सुखबीर व प्रकाश सिंह बादल ने तत्काल क्यों एक्शन नहीं लिया।

अगर उनके हुक्मों से गोली नहीं चली तो तत्काल एसएसपी व आला अधिकारियों को सस्पेंड करना चाहिए था, लेकिन उन अधिकारियों की पीठ थपथपाई गई, जिन्होंने निहत्थों पर गोलियां चलाईं। पुलिस की टोली ने ठीक साढ़े तीन घंटे बाद बहिबलकलां में फायरिंग कर निहत्थे नौजवानों को मार डाला। साढ़े तीन घंटे में सीएम प्रकाश सिंह बादल व सुखबीर बादल एक्शन ले सकते थे।

ईडी के अधिकारी निरजंन सिंह के इस्तीफे पर जाखड़ ने कहा कि उस पर आला अफसरों का प्रेशर था, साफ है और यह प्रेशर कहां से आया है, यह भी बताने की जरूरत नहीं है।
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