सोमवार को कांग्रेस ने भारत बंद बुलाया है। इसका असर पंजाब में भी दिखाई दिया। पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को लेकर कांग्रेस पूरी तरह से मुखर हो गई है। जालंधर में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि निरंतर बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दामों की मोदी सरकार सेंचुरी लगाये उससे पहले विकट गिराना जरूरी है। सोमवार को जालंधर में प्रेसवार्ता के दौरान पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सांसद सुनील जाखड़ ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ी हुई कीमतों का जवाब लोग लोकसभा चुनावों में देंगे।
जाखड़ ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने बिना किसी से मशवरा किए नोटबंदी लागू की और फिर वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) की ओर से देश की आर्थिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में रुपये की कीमत तेजी से गिर रही हैं, जबकि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही हैं। भाजपा पेट्रोल पर अब तक सर्वाधिक 12 बार आबकारी शुल्क बढ़ा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि केन्द्र में कांग्रेस शासन दौरान 14 मई 2011 को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल थी, तब भी कांग्रेस ने पेट्रोल के दामों को बढ़ने नहीं दिया, जबकि इसके विपरीत छह सितंबर को कच्चे तेल की कीमत 73 डॉलर रह गई और भारत में पेट्रोल 86 रुपये प्रति लीटर बिक रहा हैं। जाखड़ ने कहा कि केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम पर लगे करों से 13.5 लाख करोड़ रुपये एकत्रित किए।
उनकी मांग है कि तेल की कीमतों को कम करते हुए टैक्सों के जरिये प्राप्त पैसे को लोगों के कल्याण के लिए खर्च किया जाए। पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल ने पंजाब में हिंदू-सिख एकता के खतरे संबंधी दिए बयान पर जाखड़ ने कहा कि बादल को ऐसे भड़काऊ बयान नहीं देने चाहिए।
मेरी आवाज न तो बादल रोक सकते हैं और न ही अंबानी
श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले पर बोलते हुए जाखड़ ने कहा कि जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट से के मुद्दे पर अकाली दल तथा भाजपा के नेता भी बादलों के खिलाफ हैं। पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल द्वारा जाखड़ को जेल भेजने के बयान पर सुनील जाखड़ ने कहा कि बहबलकलां गोलीकांड और डेरा सिरसा प्रमुख राम रहीम सिंह को श्री अकाल तख्त साहिब से माफी दिलाने संबंधी सवाल पूछने पर सुखबीर कोई जवाब नहीं दे पा रहे हैं, इसलिए वह ऐसे बयान दे रहे हैं।
जाखड़ ने कहा कि उनके द्वारा उठाए प्रश्नों से परेशान हो कर अंबानी और बादल दोनों उन्हें अदालत में चुनौतियां दे रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज को न तो बादल रोक सकते हैं और न ही अंबानी।