मालवा को साध गई भाजपा
भाजपा के पास मालवा में दमदार चेहरे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह, राणा गुरमीत सिंह सोढी, केवल सिंह ढिल्लो, अरविंद खन्ना, सुनील जाखड़, गुरप्रीत सिंह कांगड़ व मनप्रीत सिंह बादल सब मालवा से हैं। भाजपा अकाली दल से अलग होकर मालवा में काफी कमजोर हो गई थी। पार्टी की तरफ से अकाली दल के साथ मिलकर चुनाव लडे़ जाते थे तो पार्टी होशियारपुर, गुरदासपुर व अमृतसर से चुनाव लड़ती थी। अकाली दल की तरफ से मालवा में कोई भी सीट भाजपा को नहीं देती थी। जिस कारण भाजपा लगातार मालवा में कमजोर होती चली गई थी।
अमृतसर व गुरदासपुर माझा में हैं जबकि होशियारपुर दोआबा में। ऐसे में भाजपा का वर्कर इन क्षेत्रों में सिमटकर रह गया था। विधानसभा चुनावों में भी भाजपा को मालवा इलाके में तरजीह नहीं दी जाती थी। 23 सीटों में अमृतसर, जालंधर, होशियारपुर व लुधियाना से ही सीट मिलती थी। कुल मिलाकर अकाली दल ने मालवा पर कब्जा कर रखा था। आप ने 2022 के चुनावों में मालवा में जबरदस्त आंधी चलाई और मजबूत सरकार बना ली।
इतिहास भी इस बात का साक्षी है कि पंजाब में जितने भी सीएम बने हैं, अधिकतर मालवा से ही रहे हैं। दो बार कैप्टन अमरिंदर सिंह, पांच बार प्रकाश सिंह बादल, बीबी राजिंदर कौर भट्ठल, हरचरण सिंह बराड़, चरणजीत सिंह चन्नी मालवा से लड़ते आए हैं। लिहाजा सत्ता की चाबी मालवा के हाथ है। जाखड़ मालवा से हैं और उनका भतीजा संदीप जाखड़ कांग्रेस से विधायक है। भाजपा ने जाखड़ को प्रधान बनाकर पंजाब में मालवा में अपना परचम लहराने की योजना बना ली है।
कैप्टन ने दी बधाई
भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सुनील जाखड़ को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट किया-सुनील जाखड़ को पंजाब भाजपा के नए अध्यक्ष चुने जाने पर हार्दिक बधाई। मुझे यकीन है कि वे पंजाब में पार्टी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। शुभकामनाएं।