सोमवार को कैबिनेट की बैठक में उनका विरोध स्वरूप इस्तीफा कैप्टन को सौंपना तो प्रक्रिया के तहत ही था, लेकिन कैबिनेट की मीटिंग में प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ की उपस्थिति पर सवाल खड़ा होता है, क्योंकि वे राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री नहीं हैं और न ही यह पार्टी की बैठक थी। इसके अलावा, यदि उन्हें प्रधान पद से इस्तीफा देना ही था तो वे इसे पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपते या भेजते। कैप्टन को इस्तीफा सौंपना महज एक ड्रामे से ज्यादा कुछ नहीं था।
विशेष बात है कि जाखड़ 2019 में प्रधान पद से अपना इस्तीफा पार्टी हाईकमान को भेज भी चुके हैं, जब प्रदेश इकाई को भंग किया गया था। तब हाईकमान ने इकाई की बाकी कार्यकारिणी को तो भंग कर दिया, लेकिन सुनील जाखड़ को प्रधान पद पर बनाए रखा था। इस तरह आज तक वे इस पद पर बरकरार हैं और उनका इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ है।
नई एसआईटी गठित करेगी पंजाब सरकार
चंडीगढ़ में हुई प्रेस कांफ्रेंस में कोटकपूरा गोलीकांड संबंधी पूछे प्रश्न के जवाब में जाखड़ ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार प्रदेश सरकार ने नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन का फैसला किया है, जो समयबद्ध जांच करेगी। उन्होंने कहा कि कानूनी विशेषज्ञों की राय के अनुसार हाईकोर्ट के फैसले में कुछ बातें कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से आगे की कही गई हैं, जिन्हें लेकर राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में केस दायर किया जाएगा।