गर्मी आते ही पानी की किल्लत की टेंशन बढ़ गई है। प्रशासन बार-बार पानी को बचाने की अपील कर रहा है, फिर भी कई ऐसे लोग हैं जो पानी को दिल खोल कर बर्बाद करने में लगे हैं। अब ऐसे लोगों के लिए जेब ढीली करने का वक्त आ गया है। नगर निगम के जनस्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार से पानी बर्बाद करने वालों के चालान काटने शुरू कर दिए हैं। पहले दिन 12 लोगों को दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जबकि 41 लोगों को सिर्फ नोटिस जारी किया गया है।
चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा का कहना है कि अभी अभियान और तेज किया जाएगा। इस बार शहर मेें कहीं पर भी पानी बर्बाद नहीं करने दिया जाएगा। मालूम हो कि निगम ने पानी बर्बादी करने वालों पर नजर रखने को 12 से ज्यादा टीमों का गठन किया है। चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा का कहना है कि वह खुद भी सुबह पानी बर्बाद करने वालों और टीमों की कारगुजारी को चेक करेंगे। मालूम हो कि एक अप्रैल से शहर में पेयजल से गाड़ियां धोने के साथ-साथ बगीचों में सिंचाई पर भी पाबंदी का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय 30 जून तक लागू रहेगा।