बठिंडा के मौड़ मंडी विधान सभा क्षेत्र में शनिवार को पहुंचे आप विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने कहा कि पार्टी के अपने ही लोगों ने उनके खिलाफ साजिश कर नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाया गया है। इस के अलावा पार्टी हाईकमान के तानाशाही फैसलों से आम आदमी का पार्टी से विश्वास टूट गया है, जिसके चलते आप का ग्राफ नीचे गिरता जा रहा है। खैरा ने कहा कि बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मामले पर उन्होंने पार्टी विधायकों के साथ मिलकर विधान सभा में मामले उठाए और पंजाब के आम लोगों की आवाज बने।
खैरा ने कहा कि जब भी वह कहीं जाते थे तो पार्टी के अपने नेता ही उनके खिलाफ साजिश रचने लगते थे। जहां उन्होंने जाना होता था, वहां के जिला अध्यक्ष को उनके समागम में नहीं जाने के आदेश दिए जाते थे। जो ऐसे नेताओं के खिलाफ जाते थे, उनको पार्टी हाईकमान अपना तानाशाह फैसला सुनाकर पद से हटा देती है, जैसे कि उनके साथ हुआ है। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान ने कभी उनको बुलाकर उनका पक्ष तक नहीं जाना बस सिर्फ ट्वीट कर लोगों को जानकारी दे दी।
खैरा ने कहा कि पंजाब में पहले की तरह लूट खसोट जारी है। कांग्रेस की सरकार बनने से सिर्फ पगड़ियों का रंग ही बदला है। खैरा ने बिना नाम लिए कहा कि अगर एक सोच के व्यक्ति एकत्र हो जाए तो एक महा गठबंधन बनाकर पंजाब के लोगों का भला कर सकते हैं।
केजरीवाल के लगाए लोगों ने नहीं किया काम
खैरा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने सिस्टम को सुधारने के लिए ही आम आदमी पार्टी बनाई थी, लेकिन जो लोग पंजाब में केजरीवाल ने लगाए थे, उन्होंने तह दिल से पार्टी के लिए काम नहीं किया। खैरा ने कहा कि पहले वह अपनी पार्टी का सिस्टम बदलने के लिए पार्टी वर्करों को अपील करते हैं और इसी के तहत दो अगस्त को बठिंडा में आप का इजलास बुलाया है।