विधानसभा में विपक्ष के नेता पद से हटाए गए सुखपाल सिंह खैरा ने रविवार को बरनाला में पार्टी पर निशाना साधा। रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी देश भर में नया राजनीतिक परिवर्तन लाने की बात करती थी, लेकिन उसी पार्टी में विधायकों तक से संवैधानिक रूप से व्यवहार नहीं हो रहा। दिल्ली सरकार बटन कल्चर से पंजाब और विधायकों को चलाना चाहती है। इसी का जवाब देने के लिए दो अगस्त को बठिंडा में कन्वेंशन की जाएगी। इसमें सांसद भगवंत मान समेत दिल्ली की पूरी लीडरशिप को भी बुलाया जाएगा।
इस दौरान खैरा ने कहा कि यदि पार्टी मुझे सस्पेंड भी कर दे तो भी मेरा राजनीतिक करियर नहीं खत्म होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुझे पार्टी से बाहर करने के लिए कुछ विधायकों से पहले ही हस्ताक्षर करवा लिए गए थे। सभी विधायकों की राय लेने से पहले 26 तारीख को वाट्सऐप पर साढ़े 11 बजे स्पीकर को सूचना दे दी गई कि सुखपाल खैरा को नेता प्रतिपक्ष पद से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई तो अकाली दल ने भी नहीं की।
20 विधायकों को धमकाया जा रहा है
बरनाला में मौजूद सुखपाल सिंह खैरा
वे भी पहले लिफाफा भेजते हैं। वह लिफाफा सभी जगह पहुंचता था, उसके बाद किसी की नियुक्ति व निष्कासन की घोषणा की जाती थी। दिल्ली की लीडरशिप ने बटन कल्चर शुरू कर दिया है। उसी रिमोट से पहले धर्मवीर गांधी और फिर सुच्चा सिंह छोटेपुर को हटाया। अब मुझे हटाकर वे (केजरीवाल) जताना चाहते हैं कि यदि किसी विधायक ने उनका विरोध किया तो उसका हमारे जैसा हाल करेंगे। सभी 20 विधायकों को धमकाया जा रहा है कि अगली बार उन्हें पार्टी टिकट नहीं दिया जाएगा।
उनकी विधायकी छीनने की धमकी दी जा रही है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनके साथ कितने विधायक हैं, यह मुद्दा नहीं है। वह दोबारा नेता प्रतिपक्ष के पद पर नहीं बैठेंगे, उनके साथ पंजाब की जनता है और जनता ही आम आदमी पार्टी है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब में अपने छोटे-छोटे फैसले खुद करने का अधिकार चाहती है।
इस मौके पर खैरा के साथ भदौड़ के विधायक पिरमल सिंह खालसा मौजूद थे। हालांकि जिले के दो अन्य विधायक बरनाला से गुरमीत सिंह मीत हेयर और महलकलां से कुलवंत सिंह पंडोरी इस दौरान मौजूद नहीं थे। खैरा ने मीत हेयर और पंडोरी का नाम लिए बिना कहा कि यदि वे लंबा समय शासन करना चाहते हैं और पंजाब की सेवा करना चाहते है तो लोगों की नब्ज को पहचानें।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर उन्होंने अपना विरोध जताया था तो पार्टी हाईकमान ने उन्हें मना किया था। इस दौरान उन्होंने बैंस बंधुओं की प्रशंसा में कहा कि वह सदा जनता की आवाज बुलंद करते हैं। उन्होंने कहा कि नई पार्टी का गठन करने का कोई विचार नहीं है।