आम आदमी पार्टी के विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मांग की है कि वे राणा गुरजीत सिंह को तुरंत सिंचाई एवं बिजली मंत्री के पद से हटाएं और रेत-बजरी की खड्डों की नीलामी के मामले की निष्पक्ष जांच कराएं। खैरा ने आरोप लगाया है कि सभी खड्ड राणा गुरजीत के कब्जे में आ गई हैं, इसके लिए उनके कर्मचारियों ने भी नीलामी में बोलियां लगाईं।
शनिवार को अपने निवास पर प्रेस कांफ्रेंस के दौरान खैरा ने खुलासा किया कि राणा गुरजीत के कुक अमित बहादुर और तीन अन्य कर्मचारियों का वेतन बहुत कम है और खड्डों की बोली लगाना उनके बूते की बात नहीं है। खैरा ने अमित बहादुर की तीन साल की आयकर रिटर्न और बीते आठ मार्च को उसके बैंक खाते में पहुंचे मासिक वेतन को दर्शाती बैंक अकाउंट स्टेटमेंट पत्रकारों को दिखाई।
खैरा ने कहा कि राणा के कुक अमित बहादुर के बैंक खाते में मार्च को जो वेतन पहुंचा, वह मात्र 11700 रुपये है। इसके अलावा अमित ने बीते तीन साल के दौरान जो आयकर रिटर्न भरी है, वह भी 75 हजार से 95 हजार रुपये के बीच है।