अब खैरा ने अगले महीने अमरीका और कनाडा जाने की हाईकोर्ट से इजाजत मांगी है। दायर याचिका में खैरा ने हाईकोर्ट को बताया है कि 2015 में उन पर एनडीपीएस का मामला दर्ज किया गया था, इस मामले में वर्ष 2017 में फाजिल्का जिला अदालत ने उन्हें गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए थे। जिसे खैरा ने हाईकोर्ट में चुनौती दे दी थी।
खैरा की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। जिसके बाद खैरा ने गैर-जमानती वारंट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने खैरा के खिलाफ जारी इस वारंट पर रोक लगा दी थी। अब खैरा ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में बताया है कि इस केस के चलते उन्होंने जिला अदालत में अपना पासपोर्ट जमा करवाया हुआ है।
पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर कहा है कि अगर उन्हें इस पर कोई आपत्ति है तो नोटिस का जवाब दे सकते हैं नहीं तो अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट खैरा को इसकी इजाजत दे सकती है। सोमवार को इस मामले में हाईकोर्ट ने याचिका को मंजूर करते हुए उन्हें विदेश जाने की अनुमति दे दी।