प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुखपाल खैरा ने कैबिनेट मंत्री बिक्रम मजीठिया पर हवाला के जरिये 70 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है। खैरा ने कहा कि यह राशि ड्रग रैकेट सरगना जगदीश भोला के करीबी हवाला कारोबारी से ली गई। उन्होंने मांग की कि मजीठिया को तुरंत बर्खास्त कर मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।
खैरा ने कहा कि पंजाब पुलिस की फाइनेंशियल इनवेस्टिगेशन यूनिट में तैनात पुलिस अधिकारी ने उन्हें दस्तावेज मुहैया कराया है। इसके मुताबिक मजीठिया ने 18 अप्रैल -11 को हवाला कारोबारी गुरमीत मनचंदा के कोरियर रोहित गोयल उर्फ पिंकी से 70 लाख रुपये प्राप्त किए। रोहित का मोबाइल नंबर 9356114931 ट्रेस करते हुए एफआईयू ने मजीठिया को 70 लाख रुपये की डिलीवरी देना और उनका मोबाइल नंबर 9814000003 भी ट्रेस किया। जोकि एफआईयू द्वारा टेलीफोन पर रिकॉर्ड बातचीत के ब्योरे दर्ज है।
एफआईयू को हवाला कारोबार की जांच का अधिकार
खैरा ने आरोप लगाया कि एफआईयू को हवाला कारोबार की जांच का अधिकार है। लेकिन सियासी दबाव के चलते इस मामले में जांच नहीं की गई, न ही प्रवर्तन निदेशालय को जानकारी दी गई।
लेनदेन की रकम बरामद करने की भी कोशिश नहीं की गई। खैरा ने हवाला कारोबारी मनचंदा और कोरियर रोहित की मोबाइल कॉल डिटेल और रकम के ब्योरे से जुड़े पुलिस के दस्तावेज के साथ सीआईए ऑपरेशन सेल व एआईजी ऑपरेशन, सीआईए के पत्रों की कॉपियां भी पेश कीं। साथ ही पंजाब सरकार की डायरी में दर्ज मजीठिया का मोबाइल नंबर भी दिखाया, जो जांच में पकड़ा गया था।
पंजाब पुलिस के पास ही मौजूद है सबूत
खैरा ने कहा कि इस केस में 16 अप्रैल-11 को अहमदगढ़ पुलिस ने मेजर सिंह, उसके बेटे गुरजंट सिंह जंटी और लखविंदर सिंह की बातचीत रिकार्ड की थी। उन्हें गिरफ्तार कर 57 लाख रुपये बरामद किए गए थे। यह केस ईडी केपास पेंडिंग है।
अगर 70 लाख रुपये की भी जांच की जाती तो यह साफ हो जाता कि यह रकम किसकी थी। हवाला के जरिये पैसा लेना फेमा कानून का उल्लंघन है। लिहाजा इसकी जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि सीएम प्रकाश सिंह बादल ने कहा था कि किसी भी मंत्री के खिलाफ सबूत लाओ तो सख्त एक्शन लेंगे। अब इससे बड़ा सबूत क्या हो सकता है, जोकि पंजाब पुलिस के पास ही मौजूद है।
मानसिक संतुलन खो बैठे हैं खैराः मजीठिया
राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने कांग्रेस प्रवक्ता सुखपाल खैरा के आरोपों पर कहा कि खैरा शायद मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। लगातार सात हारों के बाद ऐसी मनोस्थिति हो जाती है।
खैरा ने जो जाली रिकॉर्ड जारी किया है, वह उन्हीं के दिमाग की उपज है।
मजीठिया ने कहा कि खैरा ने उनके खिलाफ झूठी मुहिम शुरू की है, हम इसका कोई जवाब नहीं दे सकते हैं। हालांकि, वह खैरा का मकसद समझ सकते हैं। खैरा हमेशा विधानसभा सत्र जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर सनसनीखेज विज्ञप्ति जारी करना पसंद करते हैं।