2015 के कोटकपूरा गोलीकांड केस में पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए उन्हें अंतरिम जमानत का आदेश दिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार को अगली सुनवाई में स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का भी आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए सुखबीर बादल ने हाईकोर्ट को बताया कि कोटकपूरा गोलीकांड मामले में शुरू से जांच के दौरान उनका कहीं भी नाम नहीं था। दोनों जांच आयोग ने इस मामले में उनकी भूमिका का कहीं भी जिक्र नहीं किया था लेकिन इस मामले में एडीजीपी एलके यादव की अगुवाई वाली एसआईटी ने 24 फरवरी को जो चार्जशीट दाखिल की थी उसमें याचिकाकर्ता, तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, तत्कालीन डीजीपी सुमेध सिंह सैनी के अतिरिक्त पांच अन्य पुलिस अधिकारियों को आरोपी बनाया था। इसके बाद प्रकाश सिंह बादल व सुखबीर सिंह बादल ने नौ मार्च को जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। इन याचिकाओं पर ट्रायल कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए जहां 95 वर्षीय प्रकाश सिंह बादल को वृद्धावस्था के चलते जमानत दे दी थी, वहीं याचिकाकर्ता की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार पर सवालिया निशान उठाते हुए पूछा कि जब इस मामले में चालान पेश किया जा चुका है तो क्यों सुखबीर बादल की गिरफ्तारी की आवश्यकता है। पंजाब सरकार की ओर से इस संदर्भ में अपनी दलीलें दी गई। इसके बाद हाईकोर्ट ने सुखबीर बादल को राहत देते हुए उन्हें अंतरिम जमानत का लाभ दे दिया है।