फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रैक्टर पर बैठ धरने में पहुंचीं हरसिमरत कौर, सुखबीर बादल ने किया ड्राइव, केंद्र से की ये मांग

Fri, 25 Sep 2020 07:08 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बादल (मुक्तसर)

सार

  • बगल में बैठी थीं पत्नी सांसद हरसिमरत कौर बादल, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल रहे किसान संघर्ष से नदारद
  • लंबी-ख्योंवाली राष्ट्रीय राजमार्ग तीन घंटे किया जाम, एक अक्तूबर को चंडीगढ़ में शिअद करेगा अगला संघर्ष  
विज्ञापन
ट्रैक्टर चला धरनास्थल पहुंचे सुखबीर सिंह बादल और साथ बैठीं हरसिमरत कौर बादल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल शुक्रवार को लंबी क्षेत्र धरने पर ट्रैक्टर चलाकर पहुंचे। दोपहर करीब बारह बजे गांव बादल स्थित अपने निवास से ट्रैक्टर चलाते हुए सुखबीर और उनकी पत्नी पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल लंबी-ख्योंवाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरनास्थल तक पहुंचे। यहां जीटी रोड पर किसानों के पक्ष में तीन घंटे पक्का मोर्चा लगाया गया।  

विज्ञापन


बादल दंपती ट्रैक्टर पर अपने निवास से बाहर निकले तो धरनास्थल तक शिअद कार्यकर्ताओं का काफिला उनके पीछे-पीछे चला। उधर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल किसान संघर्ष से नदारद रहे। वे अपने बालासर (हरियाणा) स्थित फार्म हाउस पर ही हैं। सुखबीर और हरसिमरत ने ही किसान संघर्ष की कमान संभाली। हालांकि धरने के दौरान केंद्र पर खुलकर बरसने के बजाय बादल दंपती ने कृषि विधेयकों को किसान हित में न होने की बात पर जोर देते हुए केंद्र से इसे रद्द करने की बात कही। साथ ही संघर्ष की अगली कड़ी में एक अक्तूबर को चंडीगढ़ में इस बाबत मोर्चा खोलते हुए रोष प्रदर्शन का एलान किया। 

हरसिमरत बादल ने कहा कि वे किसान की बेटी हैं और किसानों का दुख-दर्द जानती हैं। उन्होंने अपनी कुर्सी का त्याग कर दिया मगर कांग्रेसी व आप नेता इस मुद्दे पर बेवजह राजनीति कर रहे हैं। सुखबीर बादल ने कांग्रेस पर बरसते हुए कहा कि कांग्रेसी किसानों के बिल्कुल भी हितैषी नहीं हैं।
विज्ञापन


वे इस मामले में अब विरोध का दिखावा कर रहे हैं। जबकि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने 2017 के चुनाव घोषणापत्र में कांग्रेस सरकार आने पर कृषि विधेयकों को लागू करने की बात कहते हुए समर्थन किया था। बादल ने कहा कि अगर ये विधेयक किसानों के हक में होते तो शिअद इसका विरोध कभी न करता। 

यह भी देखें: हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें-
विज्ञापन


और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें