एक बार कक्षा में हिसाब का सवाल हल करने को कहा तो अचानक सुखबीर बादल अपनी बगल में बैठी लड़की से कॉपी करने लगे। इतने में उसे खडे़ होने को कहा और एक तमाचा सुखबीर के गाल पर मार दिया।
तमाचे के बाद सुखबीर फूट-फूट कर रोने लगा। उस रात जब मैं अपने घर डिनर कर रहा था तो सुखबीर का फोन आया और मुझसे मिलने की इच्छा जाहिर की।
मैंने कहा कि खाने के बाद मुझसे मिल लेना। सुखबीर रात को मेरे पास आया और कहा सर जी जितने थप्पड़ मारने हैं, अब मार लो, बस कुड़ियां दे सामने ना मारया करो, बड़ी शर्म आंदी है। यह कहना है सुखबीर बादल के टीचर रहे राजेश पुरी का।
राजेश कसौली के द लोरेंस स्कूल, सनावर में 1978 से लेकर 2006 तक मैथ के टीचर रहे हैं। सनावर स्कूल, कसौली में मुंबई हीरोज और ओल्ड सनावर टीम के बीच मुकाबला देखने पहुंचे पंचकूला के राजेश पुरी ने स्कूल में बीते पुराने दिनों की यादों को ताजा किया।
उन्होंने अपने पूर्व विद्यार्थियों के बारे में बताया, जिसमें से सुखबीर बादल थे। राजेश ने बताया कि जब भी सुखबीर बादल मिलने आते हैं, वह यही कहते हैं कि आपके थप्पड़ नहीं भूलता।
राजेश ने बताया कि सुखबीर दो साल पहले जब सनावर स्कूल के फाउंडेशन-डे पर आए, तब भी उन्होंने यही बात कही थी।
राजेश ने कहा कि उमर अब्दुल्ला पढ़ाई में बहुत अच्छे थे। उमर में लीडरशिप क्वालिटी बचपन से ही थी। इसलिए वह स्कूल का हेड ब्वाय भी बने। राजेश ने नेस वाडिया को भी पढ़ाया है।