गृह मंत्री अमित शाह, सुखबीर बादल
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शिरोमणि अकाली दल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा संसद में दिए बयान कि बलवंत सिंह राजोआना को माफी नहीं दी गई है, को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। पार्टी प्रधान सुखबीर बादल ने कहा कि इससे सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंची है जो यह मान कर चल रहे थे कि 550वें प्रकाश पर्व पर राजोआना की फांसी की सजा उम्रकैद में तब्दील हो चुकी है।
सुखबीर ने कहा कि पिछले दिनों अखबारों में राजोआना की सजा माफ करने के बयान छपे तो लगा था कि अतीत से बाहर आ गए। पर इस बयान ने सभी को झटका दिया है। लोगों में यह भावना घर कर गई है कि सिखों को इंसाफ नहीं दिया गया।
550वें प्रकाश पर्व पर अपनाई दया की भावना को वास्तव में नहीं लागू किया गया। अकाली दल इस मामले को मानवीय दृष्टिकोण से देखने के हक में है। यह केस माफी का हकदार है क्योंकि राजोआना बिना पैरोल के 23 साल जेल में सजा काट चुका है।
शाह से मिलेगा शिअद का प्रतिनिधिमंडल
सुखबीर ने कहा कि अकाली दल सैद्धांतिक तौर पर भी मौत की सजा के खिलाफ है, इस बारे में राष्ट्रपति से मिल चुका है। पार्टी राजोआना को राहत दिलाने के लिए लड़ाई जारी रखेगी। जल्द ही उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल गृह मंत्री शाह से मिल कर उन्हें सिखों की भावनाओं से अवगत कराएगा।
पंजाब विधानसभा ने भी इसे सर्व-सम्मति से पास किया था। बेअंत सिंह के पोते गुरकीरत कोटली ने इसका समर्थन किया था। सुखबीर ने कहा कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस मामले में दोहरा खेल खेला है। केंद्र को भेजी सूची में राजोआना का नाम नहीं था। सीएम यह बताएं कि उन्होंने राजोआना के नाम की सिफारिश क्यों नहीं की।