हाईवे पर स्थित एक फार्म हाउस में हलका विधायक एनके शर्मा के नेतृत्व में रैली का आयोजन किया गया। वहीं, रैली में जीरकपुर, डेराबस्सी और लालड़ू के अलावा आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में पार्टी वर्करों ने भाग लिया। विधायक शर्मा ने कहा कि जब से कांग्रेस सरकार ने सूबे की सत्ता संभाली है, तब से अकाली वर्कर उनके निशाने पर हैं।
पार्टी वर्करों के ऊपर बिना किसी बात को लेकर झूठे केस दर्ज करवाए जा रहे हैं, जिनका कोई आधार नहीं। लालड़ू नगर परिषद के अध्यक्ष बुल्लू राणा पर पहले धोखाधड़ी के केस दर्ज करवाया, इसके बाद एक वर्कर से दुर्व्यवहार किया गया। एनके शर्मा ने सुखबीर बादल से अपील की कि अपनी लाल डायरी के अंदर हलका डेराबस्सी के अंदर काम करने वाले अफसरों के नाम जरूर लिख लें, ताकि सरकार आने पर उनसे हिसाब चुकता किया जा सके।
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने कहा कि आज सूबे की जो हालत है, उसे देखकर ऐसा लगता है जैसे 80 का दशक फिर आ गया हो। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह बाहरी ताकतों को सूबे के अंदर ला रहे हैं, जो यहां की शांति को भंग करना चाहते हैं। 10 साल तक अकाली दल ने सूबे पर राज किया, लेकिन कभी किसी के साथ धक्काशाही नहीं की।
सुखबीर ने एनके शर्मा को अपना छोटा भाई बताते हुए कहा कि पहले दिन थे जब जीरकपुर को कोई नहीं पूछता था। अब जीरकपुर का नाम देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बोलता है। एनके शर्मा ने जब कभी विकास कार्यों को लेकर फंड की मांग की, उन्हें बिना देरी जारी कर दिया गया। अब कांग्रेस सरकार आने के बाद शहर में चल रहे विकास कार्य पूरी तरह से ठप हैं।
कैप्टन के हलके में करेंगे रैली
सुखबीर बादल ने कांग्रेस के सूबा प्रधान सुनील जाखड़ द्वारा दिए एक बयान का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जाखड़ कहते हैं कि अकालियों को लोग अब गांवों में घुसने नहीं देंगे। यह जाखड़ की गलतफहमी है। कांग्रेस के खिलाफ शुरू की गई पोलखोल रैली के सिलसिले में सीएम के हलके में एक बड़ी रैली का आयोजन किया जाएगा। सुखबीर ने कहा कि ‘सीएम दे हलके विच्च इक लख तो ज्यादा बंदा लै के कैप्टन दे किले साहमणे आवांगा, ते उस दिन इन्हां दा हंकार तोड़ांगे।’