हरिके पत्तन के दरिया में शिरोमणि अकाली दल (ब) के उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल की ओर से चलाई गई जल बस को बंद करने की घोषणा करते हुए कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि इस प्रोजेक्ट पर अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार ने दस करोड़ रुपये का खर्च दिखाया था जबकि इस पर 25 लाख रुपये ही खर्च हुए हैं। अब इस मामले की विजिलेंस जांच कराई जाएगी। शनिवार को सिद्धू हरिके वैट लैंड का निरीक्षण करने के लिए हरिके पत्तन दरिया पहुंचे थे।
सिद्धू ने कहा कि जल बस दरिया में सिर्फ दस दिन चली है और 64 हजार रुपये कमाए हैं। जबकि इसकी देख-रेख और कर्मियों का खर्च लाखों में है। उनका विभाग भी इस मामले की जांच करेगा और जो अधिकारी व नेता घोटाले में संलिप्त मिला उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पंजाब में बादलों के सभी अवैध धंधे बंद किए जाएंगे। हरिके वैट का विकास किया जाएगा ताकि यहां पर टूरिज्म को बढ़ावा मिले। बिना आवाज वाली बोट हरिके पत्तन दरिया में चलाएंगे।
सिद्धू ने कहा कि शिअद के उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने जल बस चलाने के लिए रोपड़ हेड से पानी छुड़वाया था, इससे पांच हजार किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थीं। इस दौरान सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार का पहला काम है पीआरटीसी को फायदे में लाना। सत्ता में आने से पहले बादल परिवार की दो बसें थी लेकिन अब छह सौ बसों की ट्रांसपोर्ट कंपनी है।