पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए वन रैंक वन पेंशन के मुद्दे पर एक पूर्व सैनिक सूबेदार राम किशन के आत्महत्या करने के बाद उसके परिजनों से बुरा बर्ताव किए जाने की निंदा की है। कैप्टन ने इसे मोदी सरकार का डिक्टेटर जैसा बर्ताव करार दिया। कैप्टन ने कहा कि सूबेदार के परिजनों को अवैध हिरासत में ही नहीं रखा बल्कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट कर मनमानी और मानसिक भ्रष्टता का प्रदर्शन किया है।
उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इससे ज्यादा और निंदनीय क्या हो सकता है कि सूबेदार के परिजनों को शव देखने की अनुमति भी नहीं दी गई। पीपीसीसी अध्यक्ष ने इसके साथ ही कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की घटना की भी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर खुला हमला करार दिया है। राहुल गांधी पीड़ित परिवार से मिलने गए थे। कैप्टन ने कहा कि इससे साफ है कि सरकार सूबेदार की आत्महत्या को लेकर अपने कृत्य को छिपाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद रक्षा मंत्री मनोहर परिकर अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं। कैप्टन ने कहा कि सूबेदार राम किशन की आत्महत्या से यह सच सामने आ गया है कि रक्षा मंत्रालय वन रैंक वन पेंशन लागू करने को लेकर झूठ बोल रहा था। उन्होंने कहा कि सूबेदार राम किशन की मौत के लिए रक्षा मंत्री सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं और उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए खुद ही पद छोड़ देना चाहिए।
कांग्रेसी आज पूरे प्रदेश में जताएंगे विरोध
कांग्रेस विधायकों के धरने में पहुंचे कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : File Photo
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आत्महत्या करने वाले पूर्व फौजी रामकिशन के परिजनों से मिलने जा रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, रणदीप सुरजेवाला और किरण चौधरी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस वीरवार को प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन करेगी।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली पुलिस और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल प्रबंधन के पुतले जलाएंगे। अस्पताल में किसी को मिलने के लिए जाने से रोकना पुलिस की तानाशाही और लोकतंत्र की हत्या है। कांग्रेस नेता वहां विरोध प्रदर्शन करने नहीं, बल्कि पूर्व सैनिक के परिवार को सांत्वना देने जा रहे थे। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप सोनी ने कहा कि दिल्ली पुलिस और राम मनोहर लोहिया अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली विवादों के घेरे में है। प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष तरुण भंडारी ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को पूर्व सैनिक के परिवार से मिलने से रोकना ठीक नहीं है।