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हरियाणा : शुगर मिलें रखेंगी सेहत का ख्याल, तैयार करेंगी डबल रिफाइंड चीनी  

Fri, 12 Feb 2021 10:36 AM IST
निवेदिता वर्मा सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा की शुगर मिलें तैयार करेंगी डबल रिफाइंड शुगर। - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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बाजार की नब्ज को देखते हुए अब हरियाणा की शुगर मिलों में सफेद चीनी के बजाय डबल रिफाइंड चीनी तैयार की जाएगी। यह फैसला घाटे में चल रहीं प्रदेश की चीनी मिलों को आर्थिक संजीवनी देने के उद्देश्य से भी लिया गया है। रोहतक की शुगर मिल में पिछले दो साल प्रयोग के तौर पर चल रहे इस प्रोजेक्ट को अब आगे बढ़ाया जाएगा। 

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इसके तहत आगामी गन्ना सीजन में करनाल और पानीपत की मिल में डबल रिफाइंड चीनी तैयार की जाएगी। इसके बाद गोहाना मिल में भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। अहम बात यह है कि डबल रिफाइंड चीनी में सल्फर नहीं होता है और इसे स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

 
पिछले कुछ वर्षों से लोगों का रुझान ब्राउन और डबल रिफाइंड चीनी की तरफ बढ़ रहा है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग इसी चीनी को तवज्जो देते हैं। इसका काफी बड़ा बाजार है। इसी को देखते हुए शुगरफेड ने यह फैसला लिया है। एक और अहम फैसला यह भी लिया गया है कि अब चीनी की पैकिंग छोटी की जाएगी। 
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फिलहाल मिलों में सफेद चीनी की पैकिंग 50 किलोग्राम में होती है। अब एक, पांच और दस किलो तक की पैकिंग की जाएगी और इसे बड़े बड़े माल और करियाना स्टोरों में रखा जाएगा, ताकि यह चीनी अन्य ब्रांडों को टक्कर दे सके। सफेद चीनी का रेट 30 से 32 रुपए प्रति किलोग्राम है, जबकि ब्राउन और डबल रिफाइंड चीनी मार्केट में 60 से 100 रुपये प्रति किलो बिक रही है। 

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डबल रिफाइंड चीनी में नहीं होता सल्फर

मार्केट में इस समय तीन तरह की चीनी बिकती हैं। सफेद, ब्राउन और सल्फर फ्री यानी डबल रिफाइंड चीनी। विशेषज्ञों के अनुसार, सफेद चीनी में कैलोरी ज्यादा होती है, इसे खाने से शरीर को नुकसान पहुंच सकता है। सफेद चीनी को महीन बनाने के लिए इसमें सल्फर का प्रयोग किया जाता है। इससे सांस की दिक्कत हो सकती है।

ब्राउन शुगर में सफेद के बजाय कम कैलोरी होती है। इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन होता है। पर जितना शरीर को जरूरत है, उससे कम आयरन होता है। डबल रिफाइंड में इन दोनों के बजाय कम कैलोरी होती है और सल्फर बिलकुल नहीं होता है और इसी के चलते इसे एकदम सेफ माना जाता है।  

बाजार की जरूत के अनुसार लिया फैसला : कैप्टन सिंह
अगले सीजन से करनाल और पानीपत के शुगर मिलों में डबल रिफाइंड चीनी तैयार की जाएगी। इसके बाद गोहाना को भी इसमें सामिल किया जाएगा। रोहतक के मिल में पहले से ही इसका उत्पादन किया जा रहा है। जिस प्रकार से मार्केट में डबल रिमाइंड चीनी की डिमांड बढ़ रही है, उसी तर्ज पर काम किया जाएगा। साथ ही चीनी की बड़ी पैकिंग के बाद इसे छोटी पैकिंग में लाया जाएगा।  -कैप्टन शक्ति सिंह, शुगरफेड, एमडी।

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