डबल रिफाइंड चीनी में नहीं होता सल्फर
मार्केट में इस समय तीन तरह की चीनी बिकती हैं। सफेद, ब्राउन और सल्फर फ्री यानी डबल रिफाइंड चीनी। विशेषज्ञों के अनुसार, सफेद चीनी में कैलोरी ज्यादा होती है, इसे खाने से शरीर को नुकसान पहुंच सकता है। सफेद चीनी को महीन बनाने के लिए इसमें सल्फर का प्रयोग किया जाता है। इससे सांस की दिक्कत हो सकती है।
ब्राउन शुगर में सफेद के बजाय कम कैलोरी होती है। इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन होता है। पर जितना शरीर को जरूरत है, उससे कम आयरन होता है। डबल रिफाइंड में इन दोनों के बजाय कम कैलोरी होती है और सल्फर बिलकुल नहीं होता है और इसी के चलते इसे एकदम सेफ माना जाता है।
बाजार की जरूत के अनुसार लिया फैसला : कैप्टन सिंह
अगले सीजन से करनाल और पानीपत के शुगर मिलों में डबल रिफाइंड चीनी तैयार की जाएगी। इसके बाद गोहाना को भी इसमें सामिल किया जाएगा। रोहतक के मिल में पहले से ही इसका उत्पादन किया जा रहा है। जिस प्रकार से मार्केट में डबल रिमाइंड चीनी की डिमांड बढ़ रही है, उसी तर्ज पर काम किया जाएगा। साथ ही चीनी की बड़ी पैकिंग के बाद इसे छोटी पैकिंग में लाया जाएगा। -कैप्टन शक्ति सिंह, शुगरफेड, एमडी।