किरदार ऐसा होना चाहिए जो दिल जीत ले। पहले कैरेक्टर पसंद आए....उसके बाद कैरेक्टर में मैं फिट होता हूं कि नहीं, यह समझ आए.....तब मैं हामी भरता हूं। यह कहना है सुदेश बेरी का।
वही सुदेश बेरी जो स्टार प्लस के सीरियल महाभारत में द्रुपद की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी तमन्ना ऐसी फिल्म बनाने की है जो देश में आस्कर लेकर आए। ऐसी थीम की तलाश है।
चंडीगढ़ सेक्टर-17 के होटल पार्क प्लाजा में सुदेश बेरी ने कहा कि पच्चीस साल पहले भी महाभारत में उन्होंने राजा विचित्र वीर का किरदार निभाया था। यह दोनों ही कैरेक्टर उनको अच्छे लगे।
उन्होंने कहा कि स्टार प्लस की महाभारत और बीआर चोपड़ा की महाभारत, दोनों में जमीन आसमान का अंतर है। कोई किसी से कम नहीं। अब महाभारत में तकनीक ज्यादा आ गई है और डिजिटाइजेशन हो गया है। कैरेक्टर बदल गए हैं।
जो महाभारत को डायरेक्ट कर रहे हैं, वे यंग हैं। लेकिन कंटेंट वही है। अपने रोल के बारे में सुदेश बेरी ने कहा कि यह परफेक्ट भूमिका है। उनको पहले भीष्म की भूमिका निभाने के लिए कहा जा रहा था लेकिन उनको यह समझ नहीं आया।
बार्डर-2 में भी दिखेंगे सुदेश
सुदेश बेरी जल्द ही बड़े पर्दे पर दिखेंगे। उन्होंने कहा कि मैंने लंबा ब्रेक जरूर लिया लेकिन इस ब्रेक का लाभ भी हुआ। उनको पैसे का लोभ नहीं। उन्होंने कहा कि बार्डर-2 में जल्द ही वह फौजी की भूमिका निभाते नजर आएंगे।
अच्छे किरदार करना उनको पसंद है और इसीलिए काम के पीछे भागते नहीं हैं। वह चाहते हैं कि दर्शक जो किरदार देखें, उसको याद रखें। उन्होंने कहा कि उन्हें जब बालीवुड से ऑफर नहीं मिले तो वह फैमिली बिजनेस करने लगे।
टीवी के 200 से ज्यादा रोल ठुकरा दिए। इस बीच काम खत्म नहीं हुआ, थिएटर किया। सुदेश ने कहा कि बड़े पर्दे पर सिर्फ एक्टिंग नहीं करना चाहते बल्कि फिल्में प्रोड्यूस और डायरेक्ट करने का भी इरादा है।
अब एक ऐसी कहानी मिली है जिसे जल्द शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि उनको ऑफबीट फिल्में बनाना पसंद हैं। फिल्म हिंदी, इंग्लिश दोनों ही भाषाओं में हो।
सीरियल में बदलाव जरूरी :
सुदेश बेरी ने कहा कि सीरियल में बदलाव आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ‘वंश’ के बाद लोग उनकी तुलना अमिताभ बच्चन से करने लगे तो यह लोगों का भ्रम था। अमिताभ आसमां हैं और हम जमीं।
दिल की आवाज से सेलेक्शन
सुदेश बेरी ने कहा कि वह अपने दिल की आवाज से सीरियल का सेलेक्शन करते हैं। रोल से प्यार करते हैं। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में एंट्री के लिए किस्मत बुलंद होना आवश्यक है। टैलेंट नंबर दो पर आता है। इसे आप तब दिखा पाओगे, जब काम मिलेगा।