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कैश की बढ़ती मांग से दम तोड़ रहीं एटीएम सेवाएं, कई अपग्रेड नहीं

Tue, 06 Dec 2016 01:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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एटीएम के बाहर लाइन - फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी को 27 दिन हो गए हैं, लेकिन अब तक डेराबस्सी क्षेत्र में लोगों की मुश्किलें दूर नहीं हुई हैं। 500 और 1000 के पुराने नोट बंद होने के बाद जहां बैंकों में लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है, वहीं एटीएम सुविधा लगातार सिकुड़ती जा रही है। 
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शहर में करेंसी के अभाव में 90 फीसदी एटीएम सुविधा कम होती जा रही है। कुछ में कैश नहीं हैं और कुछ ऐसे भी एटीएम हैं जो अपग्रेड न होने के कारण बंद हैं। इनमें प्राइवेट के अलावा कई नेशनल बैंकों के एटीएम भी शामिल हैं।

एटीएम के बंद होने के कारण मायूस लौट रहे लोगों का कहना है कि 27 दिन बाद जब बैंकों के एटीएम ही अपग्रेड नहीं हुए तो ऐसे में कैशलेस इकोनामी होने की उम्मीद बेमानी है।
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वहीं इस कारण कारोबार पर भी बुरा असर पड़ा है।

इससे छोटे कारोबारियों को अपना जीवन गुजारना मुश्किल हो गया है।उल्लेखनीय है कि शहर में नेशनल व प्राइवेट बैंकों की करीब 30 शाखाएं हैं, जबकि चार दर्जन के करीब एटीएम काउंटर हैं। 

अधिकतर बैंक पहले ही करेंसी की कमी से जूझ रहे हैं और एक दिसंबर के बाद कई बैंकों में पेंशन व वेतन लेने वालों की भीड़ बढ़ गई। ऐसे में बैंकों ने कम पैसे देकर ही खाता धारकों को खुश करने का प्रयास किया। 

सबसे व्यस्त बैंक एसबीओपी में किसी भी ग्राहक को 10 हजार से अधिक कैश नहीं मिल पाया। सोमवार को एटीएम प्रयोग करने वालों की भीड़ इससे भी ज्यादा रही। इनमें पेंशनर्स, नौकरीपेशा, छोटे व्यापारी व घरेलू जरूरतों वाले आम ग्राहक ज्यादा थे। कैश निकलवाने के लिए एटीएम सेवाओं पर निर्भर थे, लेकिन यहां भी ज्यादातर लोगों को निराशा ही हाथ लगी। 
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27 दिन बाद भी अपग्रेड नहीं हुए एटीएम 

एटीएम
सोमवार दोपहर में शहर में आधा दर्जन बैंकों के एटीएम ही खुले रहे। नई करेंसी के अभाव में ज्यादातर एटीएम सेवाएं ठप पड़ी हैं। शहर में केवल आधा दर्जन बैंकों के एटीएम ही रेगुलर सेवाएं दे पा रहे हैं। 

इनमें स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, सेंट्रल बैंक व इंडियन ओवरसीज बैंक शामिल हैं, जबकि विजया बैंक का एटीएम शाम पांच बजे के बाद बंद हो जाता है। 
एसबीआई व सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम भी रेगुलर नहीं हैं। कुछ बैंक तो ऐसे हैं जिनके एटीएम नोटबंदी के 27 दिन बाद भी अपग्रेड नहीं हो पाए, इस कारण बंद पड़े हैं। 

ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, येस बैंक, देना बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, सिंडिकेट बैंक, कॉपोर्रेशन बैंक व फेडरल बैंक के एटीएम अब तक अपग्रेड नहीं हो पाए हैं। 

यानी इनमें नई करेंसी का इस्तेमाल ही नहीं हो सकता। इसके अलावा पंजाब एंड सिंध बैंक के डेराबस्सी व भांखरपुर, पीएनबी के डेराबस्सी व मुबारिकपुर, इलाहाबाद बैंक, यूको बैंक, यूनियन बैंक, आईडीबीआई, आईसीआईसी, एसबीओपी की एसएमई ब्रांच का बाजार में लगा एटीएम बंद रहे। 

सहकारी बैंकों का एक भी एटीएम नहीं
द सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक नामक पंजाब सरकार के सहकारी बैंक तो पूरे हलके में अब तक अपने ग्राहकों के लिए एटीएम सुविधा की व्यवस्था नहीं कर सका है। 

डेराबस्सी हलके में बैंक की लालड़ू, जीरकपुर, बलटाना व डेराबस्सी में शाखाएं हैं। इनमें से किसी भी ब्रांच के पास एटीएम सुविधा नहीं है। डेराबस्सी के मैनेजर के अनुसार नोटबंदी के बाद एटीएम जरूरी सुविधा बन गई है। उक्त शाखाओं को एटीएम सेवाओं के साथ जोड़ने के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। 
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