चंडीगढ़ नगर निगम स्टडी टूर से पीछे हट गया है। ऐसे में स्टडी टूर पर खर्च होने वाली 14 लाख रुपये की राशि बच गई है। नगर निगम ने लोगों के विरोध के बाद और पार्षदों के पीछे हटने के बाद निगम ने टूर को खारिज कर दिया है। नगर निगम ने प्रशासन से बंगलूरू, मैसूर और हैदराबाद के स्टडी टूर के लिए मंजूरी ली थी। 30 जुलाई को पार्षदों ने स्टडी टूर पर जाने की मंजूरी मिली थी।
मालूम हो कि अभी तक जितने भी स्टडी टूर गए हैं उनका शहरवासियों को कोई फायदा नहीं मिला है। स्टडी टूर पर बवाल भाजपा पार्षद सौरभ जोशी के फेसबुक पेज पर लोगों के कमेंट्स आने के बाद मचा है। टूर का 80 प्रतिशत लोगों ने विरोध किया है। लोगों ने स्टडी टूर पर खर्च होने वाली राशि को फिजूलखर्ची बताया। इसके बाद भाजपा के अपने पार्षद ही पीछे हटने लग गए।
मंगलवार को कांग्रेस ने भी निर्णय लिया कि उनका भी कोई पार्षद स्टडी टूर पर नहीं जाएगा। इस साल के अंत में नगर निगम के चुनाव है, ऐसे में पार्षद एक बार फिर से चुनावी मैदान में है। लोगों के विरोध के कारण नगर निगम को यह कदम उठाना पड़ा है। फेसबुक पर लोगों के विरोध में आए कमेंट्स के बाद नगर निगम के 26 निर्वाचित पार्षदों में से 21 स्टडी टूर पर जाने के लिए तैयार नहीं हैं।
टूर में हो चुकी है पार्षद की मौत
बता दें कि साल 2014 में पार्षद चेन्नई, कोलकता और पोर्ट ब्लेयर के स्टडी टूर पर गए थे। इस टूर में उस समय अकाली पार्षद मलकीयत सिंह की तबीयत खराब होने से मौत भी हो गई थी। उसके बाद अब टूर जाने का प्रोग्राम बना था जो अब खारिज हो गया है।
इस विवादित स्टडी टूर के लिए जिन 13 पार्षदों से 9-9 हजार रुपये की रिकवरी भी ली गई है, उनमें मेयर अरुण सूद के अलावा पूर्व मेयर पूनम शर्मा, पूर्व डिप्टी मेयर गुरबख्श रावत, आशा जसवाल, शीला देवी, सतीश कैंथ, बाबूलाल, गुरचरण दास काला और एमपी कोहली का नाम शामिल है। क्योंकि यह पार्षद अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को सरकारी टूर पर साथ ले गए थे। जिससे टूर का खर्च बढ़ गया था।