चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव करवाने की मांग को लेकर विद्यार्थी उच्च न्यायालय जाने का मन बना रहे हैं। उनका तर्क है कि जब पुटा के चुनाव विभागवार हो सकते हैं तो फिर लिंगदोह कमेटी की सिफारिश पर छात्र संघ चुनाव आसानी से हो जाएंगे।
एमए के छात्र निखिल शर्मा, रोहित शर्मा, एमएससी के छात्र मयंक सिंह का कहना है कि पुटा संगठन का कहीं रजिस्ट्रेशन तक नहीं है। साथ ही पीयू कैलेंडर में उसका प्रावधान भी नहीं है। इसके बावजूद पुटा के चुनाव करवाए जा रहे हैं। दो दिन ऑफलाइन होने वाले इन चुनावों में शिक्षकों को सबसे बड़ा खतरा है क्योंकि तमाम शिक्षकों की आयु 50 से अधिक है। वहीं छात्र संघ चुनाव के लिए बाकायदा लिंगदोह कमेटी का गठन किया गया और उसकी सिफारिशों के बाद चुनाव होने लगे। ऐसे में पुटा के चुनाव से जरूरी छात्र संघ का चुनाव है, जो होना चाहिए। पीयू प्रशासन इसके लिए मना कर रहा है लेकिन अब उच्च न्यायालय के जरिये छात्र न्याय पाएंगे।
एक छात्र संगठन ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनका संगठन भी जल्द ही उच्च न्यायालय की शरण लेगा क्योंकि छात्रों की समस्याओं के निदान के लिए छात्र संघ का होना जरूरी है। पीयू प्रशासन दो से सात दिन में इसे लेकर निर्णय नहीं लेता है तो उनके पास आखिरी रास्ता उच्च न्यायालय जाने का ही है।