चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के कई छात्र कोरोना काल के दौरान आर्थिक तंगी के चलते परीक्षा शुल्क जमा नहीं कर पाए थे। अब उनसे लेट फीस ली जा रही है। इससे विद्यार्थियों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। इसे लेकर एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने सिंडिकेट के सदस्यों को ज्ञापन भेजा है। इसमें उन्होंने कहा है कि विद्यार्थियों से अतिरिक्त शुल्क न लिया जाए।
एनएसयूआई अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने कहा है कि मार्च में परीक्षा शुल्क लिया गया था लेकिन कई विद्यार्थियों ने फीस जमा नहीं की। इसी दौरान कोरोना ने दस्तक दे दी और लॉकडाउन लग गया। इस बीच तमाम परिवारों की आजीविका प्रभावित हो गई। ऐसे में जो विद्यार्थी परीक्षा फीस जमा नहीं कर पाए थे, उनके सामने और संकट खड़ा हो गया। वे परीक्षा शुल्क तक के पैसे नहीं जुटा पा रहे हैं। ऐसे विद्यार्थियों की संख्या लगभग 1500 से 2000 होगी। इनमें पीयू से संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थी भी शामिल हैं। एनएसयूआई ने कहा है कि विद्यार्थी कर्ज लेकर परीक्षा शुल्क जुटा भी रहे हैं तो पीयू उनसे लेट फीस ले रहा है जबकि उनकी पारिवारिक स्थिति को देखते हुए पीयू कोे उन्हें शुल्क में छूट देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीयू छात्रों की मजबूरी को समझे न कि उसका फायदा उठाए। सिंडिकेट के सदस्य अब इस प्रकरण पर निर्णय लेंगे।