चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के छात्रावासों में रह रहे प्रथम व दूसरे वर्ष के छात्रों को बीते जुलाई माह से ही किराया देना होगा। इसमें पीयू प्रशासन कोई रियायत बरतने वाला नहीं है। हालांकि जिन विद्यार्थियों के सामने आर्थिक संकट है, उन्हें रियायत दी जा सकती है।
पंजाब यूनिवर्सिटी में 20 छात्रावास हैं। इन छात्रावासों में 8000 से अधिक विद्यार्थियों के रुकने की सुविधा है। कोरोना के कारण तमाम विद्यार्थियों ने छात्रावास खाली कर दिए थे, लेकिन कई छात्र अपने घर नहीं जा सके थे। इन विद्यार्थियों की संख्या 200 से अधिक थी। पीयू प्रशासन ने बीच में छात्रों से अनुरोध किया था कि वह छात्रावास छोड़कर अपने घर चले जाएं लेकिन वह नहीं गए क्योंकि वह परीक्षा में शामिल होना चाहते थे। इसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्र शामिल रहे। इसी बीच पीयू ने यह भी निर्देश दिए कि छात्रावासों में रह रहे विद्यार्थियों को जुलाई माह से ही किराया देना होगा। विद्यार्थियों ने इसका विरोध किया लेकिन बात नहीं बनी और फाइनल ईयर के विद्यार्थियों से शुल्क लिया गया और उनसे हॉस्टल खाली करवा लिए गए। अब यही नियम दूसरे विद्यार्थियों के पर लागू होगा क्योंकि उन्हें भी प्रतिदिन के हिसाब से 80 रुपये देने होंगे। यह किराया जुलाई से ही लागू हो जाएगा।