चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में रह रहे विद्यार्थियों ने घर जाने की इच्छा जताई है। वे एक माह से अधिक समय वह यहां रह रहे हैं। उनकी इच्छा सामने आने के बाद पीयू इस संबंधी तैयारी में जुटा है। इसके लिए एक कमेटी बनाई गई है जो फैसला लेगी कि विद्यार्थियों को किस तरह घरों तक सुरक्षित पहुंचाया जा सके।
इसके अलावा उन्हें यूटी प्रशासन से भी टाई-अप करना होगा और साथ ही वाहनों की भी व्यवस्था करनी होगी। 22 मार्च के बाद लॉकडाउन लगा था उसी दौरान पीयू के अधिकांश विद्यार्थी अपने-अपने घर चले गए। लगभग 200 विद्यार्थी किसी कारणवश नहीं जा सके थे। सूत्रों का कहना है कि उन्हें कोरोना का डर सता रहा है। इस भय से बचने के लिए वह घर का माहौल देखना चाहते हैं।
इसी बीच गृह मंत्रालय की ओर से आदेश जारी किए गए हैं कि विद्यार्थी व मजदूर जहां फंसे हैं उनको उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था राज्य करें। इसी के तहत पीयू भी अब कार्य में जुट गया है। सूत्रों का कहना है कि इस संबंधी एक मई तक निर्णय हो जाएगा। विद्यार्थियों को कहां-कहां और कैसे पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही यूटी प्रशासन की गाइड लाइन को भी फॉलो किया जाएगा। नोडल अधिकारी एक तैनात किया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को घर तक पहुंचाया जा सके।