भले ही अप्रत्यक्ष प्रणाली से हो रहे छात्र संघ चुनाव का प्रदेश के नौ छात्र संगठन विरोध कर रहे हैं, लेकिन चुनाव मैदान में लड़कों की अपेक्षा लड़कियों की संख्या अधिक सामने आ रही है। हालांकि, पूरी तस्वीर सोमवार को स्पष्ट होगी, लेकिन शनिवार तक प्राप्त जानकारी के अनुसार 1547 लड़कों की अपेक्षा 1664 लड़कियों ने नामांकन भरा है। वहीं, दूसरे दिन भी छात्र संगठनों ने अप्रत्यक्ष प्रणाली से हो रहे छात्र संघ चुनाव का विरोध किया।
भिवानी में शनिवार को शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया का छात्र संगठनों ने जमकर विरोध किया। उग्र प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। वहीं, रोहतक में नौ छात्र संगठनों ने कैंपस में एमडीयू के वीसी की शव यात्रा निकाली। वीसी कार्यालय के बाहर पुतला फूंका। कैंपस में करीब तीन घंटे तक हंगामा होता रहा।
इसकी वजह से दिन भर तनाव बना रहा। पुलिस बल भी तैनात रहा। दूसरी ओर, विद्यार्थियों ने शुक्रवार रात हॉस्टल से उठाए एक छात्र की रिहाई की मांग भी की। छात्र संगठनों के नेता विभिन्न विभागों में घूमकर उम्मीदवारों से नामांकन वापस लेने की अपील करेंगे।
वहीं, यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में नामांकन की जांच चल रही है। कुछ कॉलेजों में जांच पूरी हो गई है, लेकिन पूरी तस्वीर सोमवार तक साफ होगी। प्रदेश के 16 जिलों की सात यूनिवर्सिटी और 128 कॉलेजों में अब तक नामांकन करने में छात्राएं आगे रहीं हैं। कुछ कॉलेजों में नाम वापसी और नामांकन रद्द होने के बाद लड़की प्रत्याशियों की संख्या 1664 और लड़का प्रत्याशियों की संख्या 1547 है।