छात्र की मौत से गुस्साए आईटीआई के विद्यार्थी शुक्रवार को उग्र हो गए। आरोपी बस चालक की गिरफ्तारी और बसों का स्टापेज बनाने की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने जीटी रोड जाम करने की कोशिश की। हालांकि, इससे पहले छात्रों ने रोडवेज की बसों पर पथराव शुरू कर दिया। आनन-फानन में पुलिस कर्मचारी पहुंचे तो उन्होंने पुलिस बल पर भी पत्थर बरसाए। करीब तीन घंटे तक चले इस घटनाक्रम में दो डीएसपी समेत 27 पुलिस कर्मचारी व 30 से ज्यादा विद्यार्थी भी घायल हुए हैं।
हालात बेकाबू होते देख पुलिस को आखिरकार हवाई फायरिंग करनी पड़ी, इसके बावजूद छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। हालांकि फायरिंग और लाठीचार्ज किसके आदेश से हुआ, कोई भी अधिकारी ये बताने को तैयार नहीं है। हालात को काबू करने के लिए दूसरे जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और छात्रों पर लाठीचार्ज कर खदेड़ा। इतना ही नहीं पुलिस ने आईटीआई के अंदर घुसकर छात्रों समेत छात्राओं और अध्यापक व प्रिंसिपल को भी नहीं बख्शा।
पुलिस ने मौके से 103 के करीब छात्र-छात्राओं को हिरासत में ले लिया। देर शाम तक पुलिस ने 103 विद्यार्थियों को नामजद करते अन्य सैकड़ों विद्यार्थियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मौके से सीसीटीवी की डीवीआर भी बरामद की है।
छात्रों ने किया पथराव
बता दें कि आईटीआई चौक के समीप वीरवार को हरियाणा रोडवेज बस के नीचे आने से आईटीआई छात्र निकित की मौत हो गई थी। इसी मामले में शुक्रवार सुबह आईटीआई के विद्यार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। हालांकि, विद्यार्थी मांगों को लेकर आईटीआई के गेट के बाहर ही एकत्रित होकर रोष जता रहे थे। इसी दौरान अचानक से विद्यार्थी जीटी रोड जाम करने की ओर चले।
पुलिस ने उनको रोकने की कोशिश तो छात्रों ने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। छात्रों को रोकने के लिए पुलिस की तरफ से भी पत्थरबाजी की गई, लेकिन छात्र न तो पीछे हटे और न ही पत्थर मारने बंद किए। करीब एक घंटे तक तनावपूर्ण हालात में छात्रों ने कई बार पुलिस को दौड़ाया। आनन फानन में दूसरे जिलों से पुलिस बल बुलाया गया और हवाई फायरिंग करके छात्रों को खदेड़ा। हवाई फायरिंग से घबराए विद्यार्थी बाद में आईटीआई के अंदर घुस गए, लेकिन पुलिस यहीं पर नहीं रुकी और अंदर घुसकर छात्रों पर जमकर लाठीचार्ज किया।
पुलिस ने छात्राओं और आईटीआई के प्रिंसिपल बलदेव सिंह समेत अध्यापकों को भी नहीं बख्शा और उन पर ऑफिसों में घुसकर लाठी बरसाई गईं। पत्थरबाजी में डीएसपी वीरेंद्र सैनी, राजीव कुमार समेत कई इंस्पेक्टर और पुलिस कर्मचारी पत्थर लगने से चोटिल हो गए।
ये है मामला
वीरवार को आईटीआई चौक पर अंबाला डिपो की बस ने गांव रिंडल निवासी 20 वर्षीय निकित को टक्कर मारकर कुचल दिया था। इसके बाद विद्यार्थियों ने उसी रोडवेज बस में तोड़फोड़ कर शीशे तोड़ दिए थे और सर्विस लाइन पर जाम लगा दिया था। जब पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची तब शव को पोस्टमार्टम में पहुंचाया गया। इस दौरान मृतक के दोस्त उसके शव के पास बैठकर रो रहे थे।
जीटी रोज समेत कुंजपुरा रोड रहा बाधित
पुलिस और आईटीआई विद्यार्थियों के बीच हुए पथराव के दौरान करीब दो घंटे तक हाइवे पर जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस ने आईटीआई चौक के दोनों ओर सर्विस लाइन को बंद कराकर वाहनों को डायवर्ट कर दिया गया। इसी प्रकार कुंजपुरा रोड भी बंद रहा। इससे काफी संख्या में वाहन चालक जाम में फंसे रहे।
ऐसे शुरू हुआ घटनाक्रम
सुबह 8.30 बजे आईटीआई बाबू मूलचंद जैन के सामने पर एकत्रित हुए विद्यार्थी।
- 8.50 गुस्साए विद्यार्थियों ने एकजुट होकर आईटीआई चौक पर जाकर किया रोडवेज की बसों पर पथराव शुरू किया।
- पथराव के बाद पुलिस ने लाठियां दिखाकर विद्यार्थी को आईटीआई की ओर खदेड़ा और गेट को कर दिया बंद।
- सुबह 9 बजे आईटीआई में अध्यापकों के साथ की विद्यार्थियों ने बैठक।
- बैठक में चल रही थी 20 विद्यार्थियों के साथ 10 अध्यापकों की कमेटी बनाने की बात, देना था डीसी को ज्ञापन।
- इस कमेटी से पहले ही छात्राओं ने भड़का दिया था विद्यार्थियों को।
- 9.30 पर पुलिस ने आईटीआई में प्रवेश किया तो विद्यार्थियों ने फिर से पथराव किया, पुलिस ने किया लाठीचार्ज।
- 10 बजे छात्र सड़क पर आ गए और पथराव कर दिया, बाद में पुलिस ने हवाई फायर कर पीछे हटाया।
- एक घंटे तक आईटीआई परिसर में पुलिस ने किया लाठी चार्ज।
-11.30 बजे हुआ शांत माहौल और रास्ता हुआ क्लीयर।