कलायत। बसों की समस्या का समाधान नहीं होने से भड़कें छात्रों ने सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 65 पर जाम लगा दिया। इस दौरान उन्होंने करीब एक घंटा तक प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एक घंटे के इस जाम से सड़क पर दोनों और वाहनों की लंबी कतारें लग गई और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाम की सूचना पर थाना प्रभारी मौके पर पहुंच गए व छात्रों को समझा कर जाम खुलवाने के प्रयास किया, लेकिन छात्रों ने समस्या के समाधान होने तक जाम खोलने से साफ मना कर दिया। इसके अलावा परिवहन विभाग के अधिकारी के आश्वासन को भी छात्रों ने अनसुना कर दिया और अपनी जिद पर अड़े रहे। बाद में पुलिस ने हलका बल प्रयोग कर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को खदेड़ा और रास्ता खुलवाया।
सरकारी स्कूलाें, औद्योगिक शिक्षण संस्थान व महाविद्यालयों में जाने वाले ग्रामीण छात्रों प्रदीप, अनूप, सतीश, मंदीप, कुलदीप, सोनू का कहना था कि वे लोग कलायत के आसपास के गांवों से आते हैं और अपने शिक्षण संस्थान जाने के लिए कलायत से बस पकड़ते हैं। उनका कहना था कि कलायत तक आने के लिए उनके गांव से केवल निजी बस ही चलती थी जिसे काफी समय पहले बंद कर दिया गया है।
छात्रों का कहना था कि कोयल, खेड़ी लांबा, कुराड, मटौर, चौशाला, रामगढ़ आदी गांवों से छात्रों सुबह के समय केवल प्राइवेट बस ही कलायत आने के लिए उपलब्ध थी। छात्रों ने बताया कि उनके गांवों से कोई भी सरकारी बस सुबह के समय कलायत नही आती इससे वे समय पर स्कूल कॉलेज नहीं पहुंच पाते। इससे उनकी पढ़ाई भी बाधित हो रही है। छात्रों का कहना था कि वे इस समस्या के लिए करीब दस दिन पूर्व परिवहन विभाग के अधिकारियों से मिले थे। उन्होंने समस्या का एक सप्ताह में समाधान का आश्वासन दिया था।
छात्रों का कहना था कि आश्वासन को मिले करीब दस दिन हो गए पर समस्या जस की तस बनी हुई है। जाम खुलवाने के लिए आए परिवहन विभाग के अधिकारी का कहना था कि अभी चुनाव आचार संहिता लगी हुई है तथा चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 20 अक्तूबर को ही वे उनके रूट पर सरकारी बस लगवा देंगे पर छात्रों ने उनकी बात मानने से स्पष्ट इंकार कर दिया। काफी समझाए जाने के बाद भी जब छात्रों ने जाम नहीं खोला तो लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने हलका सा बल प्रयोग कर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को खदेड़ दिया व रास्ता खुलवा दिया।