चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की सीनेट बैठक शुरू होने से पहले सभी छात्र संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर सीनेट सदस्यों को ज्ञापन सौंपे। इसमें एसएफएस ने फीस बढ़ोतरी का प्रस्ताव वापस लेने, मेस और कैंटीन के बढ़े मूल्यों को कम करने, हॉस्टल एलोकेशन के लिए ऑनलाइन हॉस्टल पोर्टल को फिर चालू करने, प्रमोशन में रिजर्वेशन पॉलिसी लागू करने, सभी शोधार्थियों को छात्रावास देने की मांग रखी।
छात्र संगठन एबीवीपी ने सीनेट सदस्यों को छात्रावासों में विद्यार्थियों को आ रही समस्याओं से अवगत करवाया। मेस में गलत तरीके से बढ़ाए खाने के मूल्यों को कम करने, भोजन की गुणवत्ता में सुधार और सभी छात्रावासों की रसोई को बीएच-7 की तर्ज पर आधुनिक बनाने, सेक्टर-25 परिसर में सिक्योरिटी गार्ड पर्याप्त संख्या में तैनात करने और लाइटें लगवाने, छात्रावास में सीटों को बढ़ाने की मांगों को रखा। पीएसयू ललकार के प्रतिनिधियों ने फीस में 7.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी को वापस लेने, हॉस्टल की सीटें बढ़ाने और ऑनलाइन हॉस्टल पोर्टल शुरू करने, मेस के बढ़े मूल्यों को कम करने और सभी शोधार्थियों को छात्रावास देने की मांग रखी।
एमडीएस के छात्रों का स्टाइफंड बढ़ाने की मांग
एनएसयूआई ने सीनेट सदस्यों के सामने एमडीएस के छात्रों के स्टाइफंड को बढ़ाने की मांग रखी। प्रतिनिधियों ने एमडीएस के छात्रों के साथ सदस्यों को अवगत करवाया कि एमडीएस में फीस लगातार बढ़ रही है, लेकिन छात्रों को कॉलेज की ओर से स्टाइफंड 2015 से मात्र 10 हजार रुपये दिया जा रहा है। जबकि 2015 में वार्षिक ट्यूशन फीस तीन लाख 80 हजार थी जोकि 2021 में बढ़कर 5 लाख 7800 रुपये होगी। जबकि जीएमसीएच-32 में पीजी के सदस्यों को 60 हजार के करीब स्टाइफंड दिया जाता है।