लोगों की जान बचाने में सोशल मीडिया अब अहम भूमिका निभाने लगा है। छात्र संगठन ने स्वास्थ्य मंत्री से व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर मदद मांगी है। मैसेज में रोहतक के पीजीआईएमएस के आपातकालीन विभाग में भर्ती एक हादसे में घायल गर्भवती महिला के उपचार में कानूनी अड़चन आने का हवाला है।
साथ ही, कहा है कि यदि मंत्री पीजीआई के वीसी को आदेश दे दें तो एक महिला की जान बच सकती है। छात्र संगठन के सदस्य ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को लिखा है कि सड़क दुर्घटना में घायल एक महिला (मोनिका पत्नी अनिल कोथकला) को पीजीआई रोहतक के आपात विभाग में लाई गई है।
महिला के सिर में गंभीर चोटें लगी हैं, लेकिन गर्भवती होने के कारण न तो उसका सिटी स्कैन हो सकता है और न ही एक्सरे। आपातकालीन विभाग के डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा तो अल्ट्रासाउंड विभाग के डॉक्टर ने कानूनी और प्रशासनिक नियमों का हवाला देकर मजबूरी जाहिर कर दी कि हमें गर्भवती का अल्ट्रासाउंड करने की अनुमति नहीं है।