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पंचकूला: तीसरी मंजिल से कूदा छात्र, ब्लू व्हेल गेम पर शक

Sun, 03 Sep 2017 09:15 AM IST
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला
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blue whale - फोटो : File Photo
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जानलेवा ब्लू व्हेल गेम ने ट्राइसिटी में शायद दस्तक दे दी है। सेक्टर- 19 इलाके में शुक्रवार दोपहर बीकॉम सेकेंड ईयर का छात्र संदिग्ध हालत में तीसरी मंजिल से कूद गया। छात्र को गंभीर हालत में सेक्टर- 32 स्थित मेडिकल कालेज में दाखिल कराया गया है। अगले 48 घंटे छात्र के लिए काफी मुश्किल बताए गए हैं। छात्र के हाथ पर कटे का निशान है। इससे ब्लू व्हेल गेम पर आशंका व्यक्त की गई है। दरअसल पिछले दिनों देश में अन्य जगह छत से कूदे या फांसी लगाने वाले छात्रों के हाथ पर ब्लू व्हेल गेम व कटे के निशान मिले थे। छात्र के बेहोश होने के कारण अब तक  पुलिस बयान नहीं दर्ज कर पाई है। 
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जानकारी के मुताबिक पंचकूला सेक्टर 19 का रहने वाला 22 वर्षीय युवक करीब सुबह 11.15 पर तीसरी मंजिल से कूद पड़ा। उसके गिरने से बहुत तेज आवाज आई। पड़ोसियों ने छात्र के परिजनों को बताया कि उनका बेटा छत से गिर गया है। एक बार तो उनको यकीन नहीं हुआ। बाहर आकर देखा तो वह खून से लथपथ पड़ा था। परिजन उसे सेक्टर छह हास्पिटल ले गए, जहां से उसे मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। उसके सिर पर गंभीर चोट है। कंधे और पैर में जबरदस्त घाव हैं। फिलहाल उसे आईसीयू में रखा गया है। दोस्तों और परिजनों ने उसके तनाव में होने से इंकार किया है। वह काफी मस्तमौला है। पढ़ाई में काफी अच्छा और मिलनसार है। हालांकि उसके परिजनों ने बताया है कि वह पिछले कुछ दिनों से मोबाइल पर व्यस्त रह रहा था।

सेक्टर 19 पुलिस चौकी इंचार्ज की ओर से कहा गया है कि जब तक  छात्र का बयान दर्ज नहीं होता, तब तक इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता। पुलिस का यह भी कहना है कि यदि जरूरत पड़ी तो मोबाइल की भी जांच की जाएगी।
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क्या है ब्लू व्हेल गेम

blue whale - फोटो : blue whale
क्या है ब्लू व्हेल गेम
एक ऐसा खेल जो आपके बच्चे को मौत तक ले जा सकता है। जब इस गेम को खेलना शुरू करते हैं तो आपको एक मास्टर मिलता है। 50 दिन का ये सुसाइड चैलेंज बच्चों को लगातार कोई टास्क देता है, जो उन्हें रात रात में जाग कर पूरा करना होता है। यही मास्टर अगले 50 दिनों तक यूजर को कंट्रोल करता है। हर रोज वो एक टास्क देता है। ज्यादातर टास्क ऐसे होते हैं, जिनमें खुद को नुकसान पहुंचाना होता है।

उदाहरण के तौर पर खुद के खून से ब्लू व्हेल बनाना, दिन-दिन हॉरर फिल्में देखना और देर रात को जागना। गेम में 50वें दिन खेलने वाले को जान देकर विजेता बनने की बात कही जाती है। माना जा रहा है कि ये खेल अब तक कई लोगों की जानें ले चुका है। इंटरनेट पर इस तरह की कई कम्युनिटीज हैं जो बच्चों को इसमें फंसा सकती हैं। गूगल प्लेस्टोर, एप्पल स्टोर और विंडोज इस तरह के किसी खेल को अपने प्लेटफॉर्म पर नहीं आने देते। लेकिन ये किसी दूसरे लिंक के साथ भी आपके फोन या कंप्यूटर पर आ सकता है इसलिए इससे सावधान रहना जरूरी है।

चंडीगढ़ के स्कूलों को भेजी जा चुकी हैं हिदायतें
नेशनल कमिशन फार प्रोटेक्शन आफ चाइल्ड राइट्स की ओर से इस बारे में वेबसाइट में जानकारी दी गई है। इसके अलावा स्कूलों की ओर से पेरेंट्स को लगातार ब्लू व्हेल गेम्स के लिए हिदायते भेजी जा रही हैं। शहर के अंकुर स्कूल, सेंट जोंस, स्टेपिंग स्टोंस, विवेक हाईस्कूल सहित अन्य प्राइवेट स्कूलों ने पेरेंट्स को सरकुलर निकालकर बच्चों पर नजर रखने को कहा है।
 
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