इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखने की मांग लगातार की जा रही है। अब एसएफआई पदाधिकारियों ने मोर्चा खोला है। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के पदाधिकारियों की बैठक चंडीगढ़ स्थित एसएफआई कार्यालय में हुई।
इसमें अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखने, शहीदी दिवस(23 मार्च) पर सभी शिक्षण संस्थानों में मनाने और सभी राज्य विश्वविद्यालयों में शहीदों के नाम पर चेयर और शोध केंद्र स्थापित करने, शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को शहीद का दर्जा दिलवाने की मांग को लेकर चारों राज्यों में अभियान चलाने की योजना बनाई गई।
बैठक के बाद उत्तर भारत के राज्यों के पदाधिकारियों के नेतृत्व में बुधवार को बाबा सोहन सिंह भकना भवन में संयुक्त प्रेसवार्ता की गई। इसमें एसएफआई के राष्ट्रीय नेताओं ने कहा कि पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों की विधान सभाओं में चंडीगढ़ में बने हवाई अड्डे को शहीद भगत सिंह के नाम पर रखने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था।
केंद्र और हरियाणा में भाजपा की सरकार बनी तो इन्होंने हवाई अड्डे का नाम मंगल सेन के नाम पर रखने का प्रस्ताव भेजा। एसएफआई नेताओं ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा आजादी के आंदोलन के नायक शहीद भगत सिंह की तुलना मंगल सेन से करना शर्मनाक है। छात्र नेताओं ने कहा कि आरएसएस और उनसे जुड़े लोगों का आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं है।
बैठक में एसएफआई के केंद्रीय कमेटी के सदस्य होशियार सिंह, हरियाणा राज्य के प्रधान शाहनवाज, हिमाचल प्रदेश के राज्य सचिव सुरेश सरवाल, राजस्थान के राज्य सचिव मंगेज चौधरी, पंजाब के राज्य अध्यक्ष हरिंदर बाजवा और राज्य सचिव रविंदर मौजूद रहे।