आंकड़ों में खर्च और जली पराली
- साल खर्च राशि पराली जली
- 2021 151 करोड़ 3.54 लाख हेक्टेयर
- 2020 205.75 करोड़ 2.16 लाख हेक्टेयर
- 2019 101.49 करोड़ 2.37 लाख हेक्टेयर
- 2018 132.86 करोड़ 2.45 लाख हेक्टेयर
तीन साल में 700 किसान गिरफ्तार, दो करोड़ रुपये जुर्माना
तीन साल की बात करें तो पराली जलाने पर तीन हजार से अधिक किसानों पर केस दर्ज किए गए। इनमें 700 के करीब किसानों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही दो करोड़ रुपये से अधिक जुर्माना किया गया है। साल 2019 में 397 किसान गिरफ्तार किए और 37 लाख रुपए जुर्माना किया। इसी प्रकार, वर्ष 2020 में 339 किसान गिरफ्तार किए गए और कुल एक करोड़ रुपये जर्माना किया। 2021 में 100 किसानों के खिलाफ केस दर्ज किए और 82 लाख का जुर्माना किया लेकिन गिरफ्तारी किसी की नहीं हुई।
एक टन पराली जलाने से हवा में तीन किलो कार्बन कण, 50 किलो कार्बन डाईआक्साइड, 92 किलो कार्बन मोनोआक्साइड, 3.83 किलो नाइट्रस ऑक्साइड, 0.4 किलो सल्फर डाईआक्साइड, 2.7 किलो मीथेन और 200 किलो राख घुल जाती हैं। ये प्रदूषक वातावरण में फैल जाते हैं, भौतिक और रासायनिक परिवर्तन से गुजर कर स्मॉग की मोटी चादर बनाते हैं। इससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। - पी राघवेंद्र राव, चेयरमैन, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
पराली प्रबंधन के लिए हरियाणा सरकार तमाम प्रयास कर रही है। इसमें किसानों को मशीनरी उपलब्ध कराने के लेकर अनुदान व अन्य योजनाएं शुरू की गई हैं। पिछले साल के मुकाबले पराली जलाने के मामलों में कमी आई है। पर्यावरण बचाना सभी के लिए जरूरी है, इसलिए किसानों के साथ-साथ हर आम व खास व्यक्ति को अपना योगदान देना चाहिए। - हरदीप सिंह, महानिदेशक, कृषि विभाग।