इधर, मौसम विभाग का कहना है कि सोमवार को 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं हवाएं मंगलवार को कमजोर पड़ गईं। इसकी रफ्तार दस किमी से नीचे आ गई। वहीं, हवा की दिशा भी पंजाब व हरियाणा की तरफ से है। इससे दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा भी बढ़ गया है।
सोमवार के 9 फीसदी की तुलना में मंगलवार को इसका आंकड़ा 13 फीसदी पहुंच गया। दोनों के मिले-जुले असर पर दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक में 28 अंकों की बढ़ोतरी हुई। वहीं, गाजियाबाद का सूचकांक 74 अंक बढ़कर देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया।
23 नवंबर से हवा की गुणवत्ता में सुधार के आसार
सफर का पूर्वानुमान है कि मंगलवार देर रात से प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ेगा। इससे हवा की गुणवत्ता बहुत खराब स्तर में होगी। इसमें पराली के धुएं का हिस्सा भी बढ़ेगा।
इसी दौरान हवा की गति दस किमी से कम होने के साथ मिक्सिंग हाइट के भी एक किमी तक पहुंच जाने का अनुमान है। बुधवार दिन में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब से शाम को गंभीर स्तर में प्रवेश कर जाएगी। 22 नवंबर को भी वायु प्रदूषण कमोवेश स्थिर रहेगा। 23 नवंबर से एक बार फिर हवा की गुणवत्ता में सुधार आने का अनुमान है।
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक
| शहर |
18 नवंबर |
19 नवंबर |
| गाजियाबाद |
256 |
330 |
| दिल्ली |
214 |
242 |
| नोएडा |
227 |
256 |
| ग्रेटर नोएडा |
212 |
218 |