हरियाणा कांग्रेस की कमान के लिए दांव पेच लगाने की शुरुआत हो गई है। हुड्डा जहां शक्ति प्रदर्शन को तैयार हैं, वहीं तंवर साइकिल यात्रा निकालेंगे। भाजपा शासनकाल में मुकदमों से घिरे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा जल्द ही रथ यात्राओं के माध्यम से आलाकमान को हरियाणा की धरती पर अपनी राजनीतिक पकड़ का एहसास करवाएंगे। हुड्डा समर्थक विधायक तंवर को बदले जाने को लेकर एकजुट हो चुके हैं। जबकि तंवर अपनी जगह डटे हुए हैं।
तंवर ने सूबे में अपनी पकड़ का एहसास करवाने के लिए साइकिल यात्रा का कार्यक्रम बनाया है। उधर, पंजाब की सफलता और गुजरात के नतीजों से उत्साहित कांग्रेस अब हरियाणा में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। लिहाजा हरियाणा कांग्रेस में लगातार बढ़ रही गुटबाजी के मामले में आलाकमान बीच का रास्ता निकालने की तैयारी में है। आलाकमान के फैसले का इंतजार कर रहे हुड्डा ने अपना पूरा फोकस रथ यात्रा पर लगा दिया है।
रथ यात्रा निकालने से पहले हुड्डा विधानसभा क्षेत्रों को संबंधित कार्यकर्ताओं के हवाले कर फील्ड में निकलेंगे। किसान पंचायतों के माध्यम से वे पहले भी भीड़ जुटा चुके हैं। अब उनकी रथ यात्राएं आगे का भविष्य तय करेंगी। जिसका आगाज फरवरी में कालका, होडल, सिरसा और महेंद्रगढ़ से होगा।
आज की तारीख में मैं ही अध्यक्ष: तंवर
अशोक तंवर जल्द ही वे साइकिल यात्रा शुरू करेंगे जो कि हर जिले में और विधानसभा क्षेत्र में पहुंचेगी। चंडीगढ़ में उन्होंने हुड्डा गुट पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ा। हुड्डा की शान में कोई गलत टिप्पणी भले ही नहीं की, लेकिन यह जरूर कहा कि आज की तारीख में मैं ही अध्यक्ष हूं। किसी भी राज्य में अध्यक्ष पद की कोई लड़ाई नहीं है। हरियाणा में यह लड़ाई सिर्फ कुछ लोगों के दिमाग की उपज है।
नए समीकरण यह भी
गौर करने लायक यह भी है कि कैथल से विधायक रणदीप सुरजेवाला इन दिनों राहुल गांधी की गुड बुक में हैं। रणदीप को गुजरात चुनाव के बाद से कांग्रेस के संकटमोचक के तौर पर देखा जा रहा है। रणदीप का धड़ा भी धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है।
राहुल बुला सकते हैं मीटिंग
वर्तमान में अशोक तंवर हरियाणा कांग्रेस के प्रधान हैं। हुड्डा और तंवर का आपस में छत्तीस का आंकड़ा है। जल्द ही राहुल इस मामले में हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों में समझौता करवाने की बात रख सकते हैं। क्योंकि संकट के दौर से गुजर रही कांग्रेस पंजाब में सरकार बनने के बाद पडोसी राज्य हरियाणा को किसी कीमत पर छोड़ना नहीं चाहती। वह भी तक जब गुजरात के प्रदर्शन में उम्मीद जगा दी है।
गुजरात में हम हार के भी जीते
चंडीगढ़ में बातीचीत के दौरान भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि गुजरात में हम चुनाव हार कर भी जीते हैं। गुजरात में भाजपा की शर्मनाक जीत हुई है। जबकि कांग्रेस की सम्मानजनक हार हुई है। अब हरियाणा को जितवाने की जिम्मेदारी मेरे साथ प्रत्येक कांग्रेसी की है।