पंजाब सिविल सचिवालय और चंडीगढ़ व मोहाली स्थित पंजाब सरकार के सभी दफ्तरों के मुलाजिम मंगलवार को राज्य सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में कलम छोड़ हड़ताल पर चले गए। यह हड़ताल 14 अगस्त तक जारी रखने का एलान भी किया गया है।
पंजाब राज्य मिनिस्ट्रियल सर्विस यूनियन (पीएसएमएसयू) के आह्वान पर शुरू की गई इस हड़ताल के दौरान पंजाब सिविल सचिवालय के मुलाजिमों ने सचिवालय में स्थित कैबिनेट मंत्रियों के दफ्तरों में भी कामकाज ठप करवा दिया। दूसरी ओर, सरकार के विभिन्न निदेशालयों के मुलाजिम भी इस हड़ताल में शामिल हो गए और उन्होंने अपने-अपने दफ्तरों में कामकाज ठप कर दिया।
साझा मुलाजिम मंच पंजाब व यूटी के संयोजक और पंजाब सिविल सचिवालय स्टाफ एसोसिएशन के प्रधान सुखचैन सिंह खैरा ने बताया कि सरकार ने हाल ही में मुलाजिमों के मोबाइल भत्ते में कटौती, नई भरती केंद्रीय वेतनमान नियमों के अनुसार करने और विभागों के पुनर्गठन के मुलाजिम विरोधी फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि इन फैसलों के कारण सचिवालय के मुलाजिमों में गहरा रोष है। मंगलवार को मुलाजिमों ने सचिवालय इमारत की सभी मंजिलों पर विरोध मार्च करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
खैरा ने कहा कि सचिवालय और निदेशालयों में शुरु हुई कलम छोड़ हड़ताल 14 अगस्त तक इसी तरह जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि पीएसएमएसयू के आह्वान पर पहले ही सभी डीसी कार्यालयों में गत 6 अगस्त से हड़ताल जारी है। उन्होंने कहा कि 18 अगस्त को मुलाजिमों द्वारा पंजाब बंद किया जाएगा, जिसके तहत विभिन्न स्थानों पर चक्का जाम किया जाएगा। इसमें सभी तकनीकी और गैर तकनीकी मुलाजिम, सरकारी अध्यापक, पटवारी, सफाई कर्मचारियों समेत दर्जा-4 मुलाजिम भी शामिल होंगे।