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Chandigarh News: ओपीडी में कम मरीज देखने वाले डॉक्टरों पर होगी सख्ती

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राज्य में 40 से ज्यादा डॉक्टरों की ओपीडी और सर्जरी में प्रदर्शन नहीं मिला ठीक
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चंडीगढ़। ओपीडी में कम मरीज देखने और सर्जरी करने वाले स्पेशलिस्ट डॉक्टरों पर अब स्वास्थ्य विभाग सख्ती के मूड में है। स्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में अपनी जांच में पाया कि राज्य में 40 से ज्यादा ऐसे डॉक्टर हैं, जिनकी अस्पताल में परफार्मेंस कम है। ये डॉक्टर ओपीडी में मरीज भी कम देखते हैं और सर्जरी भी इनकी ओर से कम ही की गई है। स्वास्थ्य विभाग अब ऐसे डॉक्टरों से जवाब-तलब कर कार्य क्षमता में सुधार लाने को कहेगा।
दरअसल, हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की कार्य क्षमता जानने के लिए स्टेट हेल्थ सिस्टम रिसोर्स सेंटर को पत्र लिखा था। रिसोर्स सेंटर ने सभी सिविल सर्जन से स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की ओपीडी और उनकी ओर से की गई सर्जरी का डाटा मांगा था। डाटा एनालिसिस के बाद पाया गया कि 40 से ज्यादा स्पेशलिस्ट डाॅक्टरों ने ओपीडी में मरीज कम देखे हैं और सर्जरी भी कम की है। ये डॉक्टर पंचकूला, अंबाला, सिरसा, रोहतक, करनाल, हिसार, झज्जर, दादरी, फरीदाबाद, रेवाड़ी सिविल अस्पताल के हैं। इनमें फिजीशियन, ईएनटी, हड्डी रोग विशेषज्ञ, गायनेकोलॉजिस्ट, नेत्ररोग और मनोरोग विशेषज्ञ शामिल हैं।
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स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्पेशलिस्ट डॉक्टर काफी अनुभवी होते हैं। ऐसे में उनका अनुभव और उनकी सेवाओं का लाभ मरीजों को मिलना चाहिए। इससे मरीज संतुष्ट होगा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार भी होगा। विभाग अब इन डॉक्टरों को नोटिस भेजकर जवाब तलब करेगा और परफार्मेंस में सुधार करने के निर्देश जारी करेगा। यदि फिर भी सुधार नहीं होता है तो कार्रवाई हो सकती है। इस बारे में रिसोर्स सेंटर का कहना है कि यह एक रुटीन प्रक्रिया है। जिन डॉक्टरों की परफार्मेंस कम हैं, उनकी सेवाओं में सुधार करना हमारा मकसद है। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डाॅ. मनीष बंसल ने फिलहाल इस बारे में कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है।
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