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Chandigarh News: नुक्कड़ सभाएं पड़ रहीं महंगी, रेट कम करने का कांग्रेस का प्रस्ताव नगर निगम ने किया खारिज

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चंडीगढ़। शहर की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों को नुक्कड़ सभाएं काफी महंगी पड़ रही हैं। प्रत्येक नुक्कड़ सभा की मंजूरी के लिए पार्टियों को करीब 16 हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह बहुत ज्यादा है। बड़ी पार्टियां ये खर्च उठा सकती हैं, लेकिन छोटे दल के प्रत्याशियों के लिए काफी मुश्किल हो सकती है। इसलिए इसे कम करने की भी मांग हुई लेकिन मांग को खारिज कर दिया गया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की ने बताया कि नुक्कड़ सभाओं की प्रत्येक मंजूरी पर करीब 16 हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। यह बहुत ज्यादा है। छोटे दलों के प्रत्याशियों के लिए हर नुक्कड़ सभा की मंजूरी के लिए इतने रुपये खर्च कर पाना बहुत मुश्किल है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कांग्रेस पार्टी की तरफ से जिला चुनाव अधिकारी-सह-डीसी विनय प्रताप सिंह को रेट कम करने के लिए ज्ञापन भेजा गया था। डीसी ऑफिस की तरफ से यह ज्ञापन नगर निगम को फॉरवर्ड कर दिया गया। अब नगर निगम की तरफ से जवाब आया है कि वह रेट को कम नहीं कर सकते हैं क्योंकि यह रेट नगर निगम की फाइनेंस व कॉन्ट्रेक्ट कमेटी द्वारा तय किए गए हैं और वहीं उसमें संशोधन कर सकते हैं। आचार संहिता लगी होने की वजह से फिलहाल इसमें संशोधन भी नहीं किया जा सकता। लक्की ने कहा कि प्रत्याशी द्वारा नामांकन भरने के बाद सभी खर्च उनके खाते में जोड़े जाएंगे। ऐसे में अगर एक दिन में पांच जनसभाएं हुई, तो सिर्फ मंजूरी का खर्च करीब एक लाख रुपये तक पहुंच जाएगा। इसके अलावा टेंट व कुर्सी समेत अन्य खर्च अलग से होंगे। उन्होंने कहा कि अब इसको लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा भी खटखटा आएंगे ताकि चुनाव लड़ने के लिए सभी को बराबर मैदान मिले।
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नामांकन के बाद प्रत्याशी के हर खर्च की होगी निगरानी
शहर में सात मई से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगा और 14 मई तक नामांकन होंगे। 15 को स्क्रूटनी और 17 मई को नामांकन वापसी का आखिरी दिन होगा। इसके बाद जो भी प्रत्याशी मैदान में बचेंगे। उनके खर्चों की निगरानी शुरू हो जाएगी। निर्वाचन विभाग की तरफ से गठित कमेटी इन खर्चों पर नजर रखेगी। करीब 210 कुल खर्चों की लिस्ट जारी की गई है, जिनके लिए ये रेट तय किए गए हैं। विभिन्न टीमें चुनाव प्रचार से संबंधित सभी व्यय का साक्ष्य प्राप्त करने के लिए वीडियोग्राफी करागी। वाहन, चुनाव प्रचार कार्यक्रम, पोस्टर, कट आउट, पंडाल और अन्य खर्च की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसके अलावा प्रत्याशियों की तरफ से पूरा खर्च का ब्योरा निर्वाचन आयोग को देना होगा, जिसमें सभी तरह की जानकारी शामिल होगी।

चुनाव में खर्च के लिए हर सामान के दाम किए गए हैं तय
लोकसभा चुनाव में खर्च के लिए जिला चुनाव अधिकारी ने हर सामान के लिए दाम तय किए हैं ताकि नामांकन भरने के बाद प्रत्याशी की तरफ से जो भी सामान खरीदा जाए, उसका खर्च जोड़ा जा सके। इस बार 10 रुपये की चाय तो 10 रुपये का समोसा मिलेगा। वेज थाली की कीमत 80 रुपये तो नेताओं को गुलाब जामुन 220 रुपये और बर्फी 350 रुपये पड़ेगी। सिंगल नॉन एसी कमरों की दर 800 रुपये और एसी डबल बेड की दर 3700 रुपये तय की गई है। मार्केट रेट को ध्यान में रखते हुए ही विभाग ने ये न्यूनतम रेट तय किए हैं, जिस पर सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार अलग से जीएसटी भी लगेगा। जारी निर्देशों के अनुसार छोले-भटूरे प्रति प्लेट 50 रुपये, पराठा प्रति पीस 25, पनीर पकोड़ा प्रति पीस 20, पकौड़े प्रति किलोग्राम 240, गुलाब जामुन प्रति किलोग्राम 220, चने के साथ समोसा 30, चाय 10, सैंडविच प्रति पीस 20, कॉफी 20, वेज थाली 80 रुपये, बर्फी प्रति किलोग्राम 350, ब्रेड पकौड़ा 20 और बेसन बर्फी का रेट 280 रुपये प्रति किलो तय किया गया है। इसके अनुसार दो लीटर की कोल्ड ड्रिंक की बोतल की कीमत 80 रुपये रखी गई है।
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