आस्था के मंदिर में भी स्ट्रे डॉग्स का आतंक है। माता मनसा देवी मंदिर के अंदर भी बेखौफ घूमते हुए श्रद्धालुओं को खौफजदा कर रहे हैं। पूजा अर्चना के बाद लौटते हुए श्रद्धालु या बच्चों के इर्द-गिर्द घूमने वाले स्ट्रे डॉग्स को रोकने के लिहाज से मंदिर प्रबंधन भी अधिक फिक्रमंद नहीं है। मंदिर के मुख्य द्वार पर जहां वीआईपी को पूजा अर्चना का मौका मिलता है, वहां भी बेरोकटोक इन स्ट्रे डॉग्स की आसान पहुंच है।
मंदिर के पार्क, कॉरिडोर और मुख्य मंदिर के अलावा पूरे परिसर में करीब एक दर्जन स्ट्रे डॉग्स हैं, जो शीश नवाने वालों के लिए भी परेशानी का सबब बन चुके हैं। आलम यह है कि भगवान को शीश नवाने पहुंचने वाले भी खौफजदा होकर मंदिर में आ-जा रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि इन्हें मंदिर के पास नीचे ही कहीं एक नियत जगह पर रखने का इंतजाम किया जाना चाहिए। माता मनसा देवी मंदिर में साल में होने वाले दोनों नवरात्र के मौके पर लाखों की संख्या में चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों के भी लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मंदिर की सीढ़ियों के अलावा कॉरिडोर और माता के दर्शन के लिए मुख्य द्वार पर भी स्ट्रे डॉग्स कभी भी पहुंच जाते हैं। अगर, बिदक जाएं तो भीड़ के बीच कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है। हाल ही में चंडीगढ़ में स्ट्रे डॉग्स ने एक बच्चे को अपना शिकार बना लिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। पंचकूला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से शायद नहीं लिया है।
डॉग बाइट का भी खतरा, श्रद्धालु भी नहीं मानते ठीक
मंदिर में घूमते स्ट्रे डॉग्स
मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालु भी परिसर में स्ट्रे डॉग्स की मौजूदगी को ठीक नहीं मानते हैं। अगर, कहीं भी प्रसाद खाते हुए स्ट्रे डॉग के आसपास से गुजरते हुए उनसे छू जाए तो डॉग बाइट का भी खतरा बना रहता है।
रोकने के लिए है होमगार्ड, फिर भी हर तरफ है स्ट्रे डॉग
बोर्ड के सीईओ वीजी गोयल भी मानते हैं कि स्ट्रे डॉग मंदिर में प्रवेश कर रहे हैं, लेकिन मुख्य मंदिर तक जाने से इन्हें रोका जाता है। इसके लिए होमगार्ड के एक जवान को तैनात किया गया है ताकि किसी भी स्थान पर अगर स्ट्रे डॉग दिखे तो उसे भगाया जा सके। संवाददाता और फोटोग्राफर ने बुधवार सुबह करीब 11.30 से 12.30 तक का मंदिर का दौरा किया, लेकिन उस दौरान स्ट्रे डॉग्स मंदिर के हर कोने में मौजूद थे, जैसे उनके रहने के लिए इससे मुफीद कोई और जगह ही नहीं है।
मंदिर से दूर होने चाहिए स्ट्रे डॉग्स
मंदिर में घूमते स्ट्रे डॉग्स
श्रद्धालुओं से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर के अंदर कुत्तों का प्रवेश नहीं होना चाहिए। अगर, उन्हें भगा नहीं सकते हैं तो उन्हें मंदिर के पास ही रखने का कोई इंतजाम हो। लोग दूरदराज से श्रद्धा भाव से पहुंचते हैं, लेकिन इनकी मौजूदगी से कई तरह के सवाल उठने लगते हैं।
पटियाला से आए एक श्रद्धालु ने बताया कि उनके साथ बच्चे भी हैं, लेकिन स्ट्रे डॉग्स की मौजूदगी से काफी डर गए। अन्य श्रद्धालुओं ने भी बताया कि पार्क में भी वहां अगर श्रद्धालु कुछ देर के लिए बैठना चाहे तो संभव नहीं है। हर वक्त चार-पांच स्ट्रे डॉग्स वहां घूमते रहते हैं। अगर, हाथ में कुछ खाने-पीने की चीज है तो भी काटने का खतरा बना रहता है।
हो चुका है वैक्सीनेशन और स्टरलाइजेशन
मंदिर में घूमते स्ट्रे डॉग्स
माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ ने कहा कि इन स्ट्रे डॉग्स को मुख्य मंदिर में प्रवेश करने से रोका जाता है। हालांकि उन्होंने बताया कि डॉग बाइट का खतरा नहीं है और ऐसा कोई मामला भी नहीं आया है। सभी स्ट्रे डॉग्स का वैक्सीनेशन और स्टरलाइजेशन किया जा चुका है।