चंडीगढ़। शहर के स्कूलों के बाहर कैंडी के रूप में बिक रहे कथित ड्रग स्ट्रॉबेरी क्विक के बारे में सीसीपीसीआर (चंडीगढ़ कमीशन फाॅर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्उ राइट्स) के पत्र को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
इस ड्रग को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें पाए जाने वाले मेथैम्फेटामाइन रसायन का दिमाग से लेकर लीवर तक पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ सकता है। अगर बच्चों को इस लत से जल्द से जल्द दूर न किया गया तो वह ड्रग एडिक्ट बन सकते हैं। वहीं, उनकी मानसिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के एकेडमी ऑफ मेडिकल स्पेशलिस्ट के चेयरमैन डॉ. आरएस बेदी का कहना है कि इसमें पाए जाने वाले खतरनाक रसायन के कारण दिमाग तेजी से प्रभावित होता है, क्योंकि हमारे दिमाग में दो सेंटर होते हैं एक हायर और एक लोअर। शराब जैसी चीज हायर सेंटर को दबाते हैं जबकि स्ट्रॉबेरी क्विक में पाए जाने वाले रसायन से लोअर सेंटर प्रभावित होता है। ऐसा होने पर कल्पनाशीलता बढ़ जाती है और दिमाग खुराफात में ज्यादा सक्रिय हो जाता है। ऐसे में जरूरी है कि इसकी बिक्री पर रोक संबंधी मानक तय किए जाएं और विशेषज्ञों की कमेटी बनाकर इस पर नजर रखी जाए।
डॉ. बेदी ने बताया कि शहर के स्कूलों के बाहर इस कैंडी के अलावा कई तरह के नशा की बिक्री की भी शिकायत अभिभावक उनसे करते हैं। ऐसे में नशे के बढ़ते दायरे से बच्चों को बचाने के लिए प्रशासन स्तर पर व्यापक कार्रवाई करने की जरूरत है।